रांची की सड़कों पर पीला पंजा ,जब अतिक्रमण हटाने पहुँचा बुलडोजर, तो दुकानदारों में मच गई खलबली
News India Live, Digital Desk: अगर आप झारखंड की राजधानी रांची में रहते हैं, तो आपने महसूस किया होगा कि यहाँ की सड़कों पर पैदल चलना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण ने शहर की सूरत बिगाड़ रखी है। लेकिन अब रांची प्रशासन ने शहर को थोड़ा 'खुला' और 'साफ' बनाने की ठान ली है।
हाल ही में रांची के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में प्रशासन का 'पीला पंजा' (बुलडोजर) जमकर गरजा। चलिए जानते हैं कि इस बार गाज कहाँ गिरी और प्रशासन की आगे की क्या योजना है।
अचानक नहीं, बल्कि चेतावनी के बाद हुई कार्रवाई
रांची नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने काफी समय से दुकानदारों को हिदायत दी थी कि वे सड़क की जगह और फुटपाथ को खाली कर दें। जब लोग खुद नहीं हटे, तो मजबूरी में प्रशासन को कड़ा कदम उठाना पड़ा। इस दौरान सड़कों पर काफी पुलिस बल भी तैनात दिखा ताकि किसी भी तरह के विरोध को समय रहते संभाला जा सके।
दुकानों की सीढ़ियां और शेड बने निशाने
कार्रवाई के दौरान उन दुकानों पर ज्यादा फोकस किया गया जिन्होंने मुख्य सड़क की ओर अपने पक्के चबूतरे बना रखे थे या लोहे की सीढ़ियां लगाकर सड़क घेरी हुई थी। दुकान के बाहर बेतरतीब लगे बड़े-बड़े साइनबोर्ड और अवैध रूप से लगाए गए ठेलों-खोमचों को भी हटाया गया। बुलडोजर को आता देख कुछ दुकानदारों ने खुद ही अपना सामान समेटना शुरू कर दिया, तो कुछ बस हाथ मलते देखते रह गए।
आम जनता को राहत, दुकानदार थोड़े मायूस
आम नागरिकों का मानना है कि शहर को संवारने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई बहुत जरूरी थी। अगर सड़कें चौड़ी रहेंगी, तो ट्रैफिक सुचारू रूप से चलेगा और लोगों का समय बचेगा। दूसरी तरफ, दुकानदार इस बात से थोड़े मायूस और चिंतित भी हैं क्योंकि उनके बनाए स्ट्रक्चर ढहा दिए गए, जिससे व्यापार पर भी थोड़ा असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, नियम तो सबके लिए बराबर हैं।
प्रशासन का कड़ा संदेश
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। प्रशासन चाहता है कि रांची को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर साफ-सुथरा रखा जाए। सड़क पर दुकान लगाकर ट्रैफिक रोकने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अगर दोबारा अतिक्रमण होता है, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
हमारी राय
शहर हम सबका है और इसे साफ़ रखने की ज़िम्मेदारी भी हमारी ही है। अगर हम नियमों का पालन करेंगे, तो शायद बुलडोजर की नौबत ही न आए। प्रशासन के इस कदम से आने वाले दिनों में रांची के मेन रोड और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलना थोड़ा आसान ज़रूर होगा।
आपको क्या लगता है? क्या केवल बुलडोजर चलाने से अतिक्रमण हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा या इसका कोई और स्थायी समाधान होना चाहिए? हमें कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर दें!