BREAKING:
April 18 2026 05:26 am

जब पार्टी वाले कर रहे थे विरोध, तब थरूर कर रहे थे CM की तारीफ जानिए क्या है पूरा मामला?

Post

News India Live, Digital Desk: शशि थरूर का नाम जब भी आता है, तो अक्सर उनकी मुश्किल अंग्रेजी या किताबों की चर्चा होती है। लेकिन इस बार मामला कुछ और है, और वो अपनी ही पार्टी, यानी कांग्रेस के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। वजह? केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (जो कि कांग्रेस के राजनीतिक विरोधी हैं) की थोड़ी सी तारीफ कर देना।

आखिर हुआ क्या था?

हुआ ये कि केरल की वामपंथी सरकार का एक कार्यक्रम था, जिसमें एक फ्लाईओवर का उद्घाटन होना था। शशि थरूर उस इलाके के सांसद हैं, तो उन्हें भी बुलाया गया। थरूर उस कार्यक्रम में चले गए। बात सिर्फ जाने की नहीं थी, उन्होंने वहाँ विकास के कामों को लेकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ भी कर दी।

बस, यहीं से बवाल शुरू हो गया। क्योंकि ठीक उसी समय, कांग्रेस के बाकी नेता और कार्यकर्ता उसी सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। अब पार्टी के लोगों को यह बात अच्छी नहीं लगी कि एक तरफ हम संघर्ष कर रहे हैं और हमारे ही एक बड़े नेता मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करके उनकी तारीफ कर रहे हैं।

जब सवाल उठे तो थरूर ने दी ये सफाई

जब चारों तरफ से थरूर पर सवाल उठने लगे, तो उन्होंने सामने आकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ-साफ कहा, "मैंने पार्टी की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं लांघी है।"

उनका तर्क बिल्कुल सीधा था:

  1. "मैं वहाँ एक सांसद के तौर पर गया था, नेता के तौर पर नहीं।" उन्होंने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र में कोई विकास का काम हो रहा है, तो वहाँ मौजूद रहना मेरा फर्ज है, चाहे सरकार किसी की भी हो।
  2. "मैंने सरकार की राजनीति की तारीफ नहीं की।" थरूर ने समझाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री की नीतियों की नहीं, बल्कि विकास के कामों को लेकर उनकी पहल करने की आदत की तारीफ की है, जो कि एक अच्छी बात है।
  3. "विरोध में शामिल क्यों नहीं हुए?" इस पर उन्होंने कहा कि वो एक ही समय पर दो जगह नहीं हो सकते थे। लेकिन उन्होंने पार्टी के विरोध को अपना समर्थन दिया था और उनके दफ्तर के लोग उस प्रदर्शन में शामिल भी हुए थे।

अगर सीधे शब्दों में कहें तो थरूर यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि विकास की राजनीति, पार्टी की आपसी लड़ाई से ऊपर होनी चाहिए। लेकिन उनकी यह बात केरल कांग्रेस के उनके अपने साथियों के गले नहीं उतर रही। अब देखना यह है कि उनकी इस सफाई से पार्टी के अंदर मचा घमासान शांत होता है या नहीं।