सब विदेश से आएगा तो किसान क्या उगाएगा? अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला, आयात नीति पर उठाए तीखे सवाल
News India Live, Digital Desk : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस बार उनके निशाने पर सरकार की 'आयात नीति' (Import Policy) और किसानों की बदहाली है। अखिलेश यादव ने सरकार से सीधा सवाल पूछा है कि अगर खाने-पीने की हर चीज विदेशों से ही मंगवाई जाएगी, तो देश का अन्नदाता क्या करेगा?
सस्ते आयात से किसान बेहाल: अखिलेश
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए सरकार पर आरोप लगाया कि बीजेपी की नीतियां केवल बड़े कॉरपोरेट्स को फायदा पहुँचाने के लिए बनी हैं। उन्होंने कहा:"सरकार दालें, तेल और अब अन्य कृषि उत्पाद भी विदेशों से मंगाने पर जोर दे रही है। जब बाजार विदेशी माल से भर जाएगा, तो हमारे किसानों की फसल को सही दाम कौन देगा? बीजेपी सरकार 'आत्मनिर्भर भारत' का नारा तो देती है, लेकिन असल में किसानों को 'आश्रित' बना रही है।"
बढ़ती लागत और घटता मुनाफा
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतें आसमान छू रही हैं। आवारा पशुओं की समस्या ने पहले ही खेती को घाटे का सौदा बना दिया है, और अब विदेशों से मंगाया जा रहा सस्ता माल किसानों की कमर तोड़ देगा। उन्होंने मांग की कि सरकार बाहरी देशों से आयात कम करे और स्थानीय किसानों को MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी दे।
2027 की तैयारी और सियासी मायने
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर ग्रामीण वोट बैंक को साधने की कोशिश है। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए सपा प्रमुख ने कृषि संकट को एक बड़ा मुद्दा बनाने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।