UP Panchayat Chunav : यूपी के गांवों में ओवैसी की साइलेंट एंट्री, पंचायत चुनाव के लिए AIMIM ने तैयार किया खास 'विलेज प्लान

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'किंगमेकर' बनने का सपना देख रही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने आगामी पंचायत चुनावों के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार ओवैसी की नजर केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी ने "हर गांव, हर घर" तक पहुँचने के लिए एक आक्रामक रणनीति तैयार की है।

क्या है AIMIM का 'विलेज प्लान'?

सूत्रों के मुताबिक, ओवैसी के निर्देश पर यूपी के हर ब्लॉक और तहसील स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इस रणनीति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

बूथ स्तर पर सक्रियता: पार्टी हर गांव में 'मजलिस की कमेटी' का गठन कर रही है ताकि स्थानीय समस्याओं को सीधे उठाया जा सके।

दलित-मुस्लिम गठजोड़: ओवैसी की टीम इस बार सिर्फ मुस्लिम बहुल गांवों पर ही नहीं, बल्कि दलित और पिछड़े वर्ग की बस्तियों में भी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।

युवा चेहरों को तरजीह: पंचायत चुनाव में पार्टी पुराने नेताओं के बजाय शिक्षित और ऊर्जावान स्थानीय युवाओं को उम्मीदवार बनाने की योजना पर काम कर रही है।

विपक्ष की बढ़ी चिंता (SP & BSP under Pressure)

AIMIM की इस ज़मीनी सक्रियता ने समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के खेमे में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ओवैसी ग्रामीण स्तर पर वोट काटने में सफल रहे, तो इसका सीधा नुकसान विपक्षी गठबंधन को और फायदा सत्तारूढ़ भाजपा को हो सकता है। पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के जिलों में पार्टी की सदस्यता अभियान तेजी से चल रहा है।

स्थानीय मुद्दों पर फोकस

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के अनुसार, AIMIM इस बार केवल बड़े राजनीतिक नारों पर नहीं, बल्कि गांवों की सड़कों, नालियों, शिक्षा और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। ओवैसी जल्द ही यूपी का दौरा कर बड़े जनसंवाद कार्यक्रमों की शुरुआत कर सकते हैं।