किस धोखे से सावधान रहने को कह रहे हैं CM योगी? अयोध्या से दिया गया यह संदेश सिर्फ एक चेतावनी नहीं
News India Live, Digital Desk: अयोध्या की धरती पर जब लाखों दीयों का प्रकाश फैल रहा था और चारों ओर 'जय श्री राम' का जयघोष था, तब इस उत्सव के मुख्य मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसा बयान दिया जो जश्न के साथ-साथ एक गहरी चेतावनी भी लिए हुए था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 500 साल के संघर्ष के बाद मिली इस खुशी के मौके पर "सोने" की नहीं, बल्कि "सावधान" रहने की जरूरत है, क्योंकि "धोखा तभी होता है, जब व्यक्ति सो जाता है."
यह बयान सिर्फ एक सामान्य सलाह नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक और सामाजिक संदेश छिपे हैं।
किस 'धोखे' की बात कर रहे थे CM योगी?
मुख्यमंत्री की इस चेतावनी का मतलब सिर्फ बाहरी खतरों से नहीं था। उनके इस बयान के कई मायने हैं:
- सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ताकतें: पहला और सबसे सीधा मतलब उन असामाजिक और विघटनकारी ताकतों से है जो इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश और देश की शांति भंग करने की कोशिश कर सकते हैं।
- राजनीतिक विरोधी: इसका एक इशारा उन राजनीतिक विरोधियों की तरफ भी हो सकता है जो इस उपलब्धि को कम आंकने या इसे लेकर कोई नया विवाद खड़ा करने का प्रयास कर सकते हैं।
- विकास में बाधा डालने वाले: सीएम योगी ने बार-बार अयोध्या के विकास का जिक्र किया। उनकी चेतावनी उन तत्वों के लिए भी थी जो इस विकास की गति को रोकने या इसमें बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं।
- खुशी में लापरवाही का डर: सबसे बड़ा संदेश आम जनता और अपने समर्थकों के लिए था। योगी यह कहना चाहते थे कि राम मंदिर का निर्माण एक बड़ी जीत जरूर है, लेकिन यह मंजिल का अंत नहीं है। यदि हम इस खुशी में लापरवाह हो गए और यह मानकर "सो गए" कि सब कुछ हासिल हो गया, तो जो सफलता मिली है, उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री का यह संदेश उत्सव के माहौल में एक जिम्मेदार शासक की भूमिका को दर्शाता है, जो अपनी जनता से न केवल खुशी साझा कर रहा है, बल्कि उन्हें आने वाली चुनौतियों के प्रति आगाह भी कर रहा है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि लंबी लड़ाई के बाद मिली इस उपलब्धि को हल्के में लेने की भूल नहीं की जानी चाहिए।