Vastu Tips for Wall Clock: दीवार पर गलत दिशा में टंगी घड़ी रोक सकती है आपकी तरक्की! वास्तु के ये 5 नियम बदल देंगे आपकी किस्मत
लाइफस्टाइल डेस्क। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मौजूद हर छोटी-बड़ी वस्तु अपनी एक विशिष्ट ऊर्जा पैदा करती है, जिसका सीधा असर हमारे जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। अक्सर हम दीवार घड़ी (Wall Clock) को केवल समय देखने का जरिया मानकर किसी भी दीवार पर टांग देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही घड़ी आपके 'अच्छे' और 'बुरे' समय का निर्धारण कर सकती है?
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घड़ी न केवल समय बताती है, बल्कि यह घर की सकारात्मकता और परिवार के सदस्यों की प्रगति से भी जुड़ी होती है। गलत दिशा में लगी एक घड़ी मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी का कारण बन सकती है, जबकि सही दिशा में टंगी घड़ी सफलता के बंद द्वार खोल सकती है।
घड़ी लगाने की सबसे शुभ दिशा: उत्तर और पूर्व का महत्व
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व है। यदि आप घर या ऑफिस में नई घड़ी लगाने जा रहे हैं, तो इन दो दिशाओं को प्राथमिकता दें:
उत्तर दिशा (North Direction): यह धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है। उत्तर की दीवार पर घड़ी लगाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।
पूर्व दिशा (East Direction): सूर्य देव और इंद्र की यह दिशा मान-सम्मान और खुशहाली का प्रतीक है। पूर्व की दीवार पर घड़ी टांगने से करियर में उन्नति होती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
पश्चिम दिशा (West Direction): यदि उपरोक्त दोनों दिशाओं में स्थान न हो, तो पश्चिम दिशा का चुनाव भी किया जा सकता है।
सावधानी: दक्षिण दिशा (South Direction) को यम की दिशा माना गया है। इस दिशा में घड़ी लगाना सबसे बड़ा वास्तु दोष पैदा करता है। इससे घर के मुखिया की सेहत खराब हो सकती है और कार्यों में बार-बार बाधाएं आ सकती हैं।
कैसा हो घड़ी का आकार और रंग? (Right Shape & Color)
वास्तु के अनुसार, घड़ी का स्वरूप भी आपकी मानसिक शांति को प्रभावित करता है:
शुभ आकार: घर के लिए गोल (Round) या अष्टभुजाकार (Octagonal) घड़ियाँ सबसे उत्तम मानी जाती हैं। ये निरंतरता और सकारात्मकता को बढ़ावा देती हैं।
इनसे बचें: नुकीले कोनों वाली या तिकोने आकार की घड़ियाँ नकारात्मक ऊर्जा पैदा करती हैं। बेडरूम के लिए 'हार्ट शेप' की घड़ी रिश्तों में मधुरता लाती है।
रंगों का चुनाव: सफेद, क्रीम, हल्का हरा या पीला रंग अत्यंत शुभ है। गहरे रंगों जैसे काले, गहरे नीले या लाल रंग की घड़ी से बचना चाहिए, क्योंकि ये वास्तु दोष को बढ़ा सकते हैं।
पेंडुलम वाली घड़ी: सोई किस्मत जगाने का मंत्र
वास्तु में पेंडुलम वाली घड़ी (Pendulum Clock) को बहुत प्रभावशाली माना गया है। इसकी निरंतर होने वाली 'टिक-टिक' और पेंडुलम की गति घर के वातावरण को जीवंत बनाए रखती है। इसे ड्राइंग रूम में लगाने से परिवार के सदस्यों की तरक्की की रुकावटें दूर होती हैं और जीवन में गतिशीलता आती है।
भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां (Common Vastu Mistakes)
दरवाजे के ऊपर: किसी भी दरवाजे या मुख्य द्वार के ऊपर घड़ी कभी न लटकाएं। यह ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करता है।
रुकी हुई घड़ी: घर में बंद या खराब घड़ी रखना दरिद्रता और दुर्भाग्य को बुलावा देना है। बंद घड़ी को तुरंत ठीक कराएं या हटा दें।
पीछे चलता समय: आपकी घड़ी का समय वास्तविक समय से पीछे नहीं होना चाहिए। इसे सटीक रखें या 2 से 5 मिनट आगे (Fast) रख सकते हैं।
टूटा हुआ कांच: टूटे या धुंधले कांच वाली घड़ी मानसिक विवाद और तनाव का कारण बनती है।
प्रतिबिंब का दिखना: बेडरूम में घड़ी इस प्रकार न लगाएं कि सोते समय उसमें आपका चेहरा दिखे, इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।