US-Iran Ceasefire News: महायुद्ध टला! ट्रंप की डेडलाइन से ठीक पहले दो हफ्ते का 'दोतरफा युद्धविराम' लागू, होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर बनी सहमति
वॉशिंगटन/तेहरान | दुनिया पर मंडरा रहे तीसरे विश्वयुद्ध और भीषण तेल संकट के बादलों के बीच एक चमत्कारिक राहत की खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई अपनी 48 घंटे की 'विनाशकारी' समयसीमा खत्म होने से महज दो घंटे पहले दो सप्ताह के युद्धविराम का एलान कर दिया है। ट्रंप के इस फैसले के साथ ही ईरान भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर राजी हो गया है। इस कूटनीतिक जीत ने न केवल मिडिल ईस्ट, बल्कि पूरी दुनिया को एक बड़ी तबाही से बचा लिया है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस ऐतिहासिक मोड़ की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद उन्होंने ईरान पर होने वाले हमलों को रोकने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि ईरान पर भेजी जा रही 'विनाशकारी सैन्य ताकत' को एक मौका दिया जाए, जिसके बाद ट्रंप ने इस "दोतरफा युद्धविराम" पर अपनी मुहर लगाई।
10 सूत्रीय फॉर्मूला: क्या स्थायी शांति की ओर बढ़ रहे हैं कदम?
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अपने सभी प्राथमिक सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है। उन्होंने खुलासा किया कि ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक शांति प्रस्ताव मिला है, जिसे व्हाइट हाउस ने बातचीत के लिए एक 'व्यावहारिक आधार' माना है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अधिकांश पुराने विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अगले 14 दिन इस समझौते को अंतिम रूप देने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
हैदराबाद में विशेष नमाज: शांति के लिए उठी दुआएं
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर मिलते ही भारत के हैदराबाद में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। धार्मिक संगठन तनजीम-ए-जाफरी की ओर से एक विशेष नमाज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नमाज के दौरान ईरान के लोगों की सुरक्षा, क्षेत्र की मजबूती और दुनिया भर में शांति बहाली के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं। आयोजकों ने अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होने पर संतोष व्यक्त किया है।
क्या रेत पर खींची लकीर साबित होगा यह अल्टीमेटम?
भले ही युद्धविराम लागू हो गया है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों के मन में अब भी संदेह है। पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने ट्रंप के इस कदम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ट्रंप के अल्टीमेटम अक्सर 'रेत पर पेंसिल से खींची गई लकीरों' जैसे होते हैं, जो समय के साथ बदल जाते हैं। हालांकि, जिस तरह से होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमति बनी है, उसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी ऑक्सीजन दी है। अब सभी की निगाहें 10 अप्रैल को होने वाली कूटनीतिक बैठकों पर टिकी हैं।