BREAKING:
April 19 2026 05:15 pm

US-Iran Ceasefire: शहबाज शरीफ ने ली कूटनीतिक जीत की क्रेडिट, लेकिन 'Copy-Paste' के चक्कर में सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल; जानें क्या है 'Draft' विवाद?

Post

इस्लामाबाद/वॉशिंगटन | अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा ने जहां दुनिया को राहत दी है, वहीं इस कूटनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब एक नए विवाद में फंस गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस युद्धविराम का श्रेय पाकिस्तान को दिए जाने के बाद शहबाज शरीफ अपनी 'सफलता' का जश्न मना रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी एक बड़ी लापरवाही पकड़ ली है।

सोशल मीडिया पर क्यों ट्रोल हो रहे हैं शहबाज शरीफ?

जैसे ही शहबाज शरीफ ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया, वैसे ही नेटिजन्स ने उनके पोस्ट की 'एडिट हिस्ट्री' खंगाल डाली।

कॉपी-पेस्ट का आरोप: यूजर्स ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने शांति संदेश खुद लिखने के बजाय अपनी सोशल मीडिया टीम द्वारा तैयार ड्राफ्ट को बिना देखे कॉपी-पेस्ट कर दिया।

'Draft' वाला ब्लंडर: एडिट हिस्ट्री के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, जिसमें पोस्ट के शुरुआती हिस्से में ‘Draft – Pakistan’s PM Message on X’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। हालांकि, गलती का अहसास होने पर इसे तुरंत एडिट कर हटा दिया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर 'Copy-Paste PM' ट्रेंड होने लगा।

शहबाज ने की थी मध्यस्थता की अपील

विवादों से इतर, यह सच है कि पाकिस्तान ने इस युद्धविराम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शहबाज शरीफ ने ही ट्रंप से ईरान को दी गई डेडलाइन को दो सप्ताह आगे बढ़ाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था:

"कूटनीति को अपना काम करने का अवसर देने के लिए, मैं राष्ट्रपति ट्रंप से आग्रह करता हूं कि वे समयसीमा को दो सप्ताह के लिए बढ़ाएं। साथ ही, मैं ईरानी भाइयों से सद्भावना के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का अनुरोध करता हूं।"

10 अप्रैल को 'इस्लामाबाद वार्ता': क्या निकलेगा स्थायी समाधान?

युद्धविराम लागू होने के बाद शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। उनका मानना है कि 'इस्लामाबाद वार्ता' (Islamabad Talks) दशकों पुराने इस विवाद को सुलझाने में मील का पत्थर साबित होगी। ट्रंप ने भी स्वीकार किया है कि ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार है।

युद्धविराम की वर्तमान स्थिति

डेडलाइन से 2 घंटे पहले फैसला: ट्रंप ने ईरान को दी गई समयसीमा खत्म होने से महज 2 घंटे पहले हमलों को रोकने का आदेश दिया।

होर्मुज स्ट्रेट: ईरान ने इस मार्ग को सुरक्षित जहाजों के लिए खोलने पर सहमति जताई है।

क्षेत्रीय शांति: लेबनान सहित अन्य मोर्चों पर भी फिलहाल गोलाबारी रोकने पर सहमति बनी है।