Manipur Violence: मणिपुर के बिष्णुपुर में रॉकेट हमले से दो मासूमों की मौत, राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला— 'सरकार पत्थरदिल हो गई है'
इंफाल/नई दिल्ली | मणिपुर में जारी जातीय हिंसा ने एक बार फिर रोंगटे खड़े कर देने वाला रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार तड़के बिष्णुपुर जिले में हुए एक रॉकेट जैसे प्रोजेक्टाइल (Rocket-like Projectile) हमले ने दो मासूम जिंदगियों को नींद में ही खत्म कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद देश की सियासत गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार की चुप्पी पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे 'संवेदनशून्य' और 'पत्थरदिल' करार दिया है।
नींद में ही काल बन कर गिरा रॉकेट: 4 साल का मासूम और नवजात बहन खत्म
यह खौफनाक वारदात बिष्णुपुर के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई गांव में हुई, जो मैतेई बहुल घाटी और कुकी-जोमी बहुल पहाड़ियों के बीच सीमा पर स्थित है। रात करीब 1 बजे जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी एक रॉकेट जैसा बम घर की छत फाड़कर अंदर आ गिरा।
मृतक: एक 4 साल का बच्चा और उसकी कुछ ही दिन पहले जन्मी नवजात बहन।
घायल: बच्चों की मां, ओइनम बिनिता, इस धमाके में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।
दादी की आपबीती: मृतक बच्चों की दादी ओइनम बाला ने रोते हुए बताया, "कमरा धुएं से भरा था और मेरे पोते-पोती खून से लथपथ थे। मुझे समझ नहीं आया कि बम अंदर कैसे आ गया।"
राहुल गांधी का 'एक्स' पर आक्रोश: "मणिपुर के बच्चे भी देश के बच्चे हैं"
घटना की खबर मिलते ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा:
"मणिपुर में बीएसएफ जवान के घर में सोते दो नन्हे बच्चों की हत्या की खबर दिल को चीर देने वाली है। मोदी सरकार इतनी संवेदनशून्य और पत्थरदिल हो गई है कि मानो यह भूल चुकी है कि मणिपुर के बच्चे भी देश के बच्चे हैं।"
राहुल गांधी ने आगे सवाल किया कि आखिर यह सरकार कब जागेगी? उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की कि सिर्फ बयानबाजी या दिखावे के दौरे से काम नहीं चलेगा, अब ठोस और तत्काल कदम उठाने ही होंगे।
प्रशासन सख्त: 5 जिलों में इंटरनेट बंद, सुरक्षा बल अलर्ट
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मणिपुर सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। घाटी के पांच जिलों— इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में तीन दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि हिंसा की आग को और फैलने से रोका जा सके।
शांति का रास्ता अब भी कोसों दूर
मणिपुर में पिछले तीन साल से जारी यह हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। ड्रोन और अब रॉकेट हमलों के इस्तेमाल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि "शांति ही एकमात्र रास्ता है" और सभी समुदायों को साथ लाकर ही इस संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।