घंटों बैठकर काम करना पड़ सकता है भारी ,एक्सपर्ट से जानें कैसे आपकी सिटिंग जॉब छीन रही है मां-बाप बनने का सुख
News India Live, Digital Desk: आज की जीवनशैली में ऑफिस में 8 से 9 घंटे लगातार बैठकर काम करना एक मजबूरी बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह 'सिटिंग जॉब' (Sitting Job) न केवल आपकी पीठ और गर्दन को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आपकी फर्टिलिटी (Fertility) यानी प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर डाल रही है? मेडिकल एक्सपर्ट्स और फर्टिलिटी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि घंटों एक ही जगह बैठे रहने से पुरुषों और महिलाओं दोनों के शरीर में ऐसे बदलाव आते हैं जो भविष्य में गर्भधारण (Conception) में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर (Impact on Male Fertility)
पुरुषों के लिए लंबे समय तक बैठना, विशेष रूप से तंग कपड़ों में या लैपटॉप को जांघों पर रखकर काम करना, काफी हानिकारक हो सकता है:
तापमान में वृद्धि: अंडकोष (Testicles) का तापमान शरीर के सामान्य तापमान से थोड़ा कम होना चाहिए। घंटों बैठने से इस क्षेत्र का तापमान बढ़ जाता है, जिससे स्पर्म काउंट (Sperm Count) और उनकी गुणवत्ता (Quality) में भारी कमी आती है।
ब्लड सर्कुलेशन: एक ही पोजीशन में बैठे रहने से पेल्विक एरिया (Pelvic Area) में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है, जो प्रजनन अंगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
महिलाओं की फर्टिलिटी पर प्रभाव (Impact on Female Fertility)
महिलाओं में गतिहीन जीवनशैली (Sedentary Lifestyle) हार्मोनल असंतुलन का मुख्य कारण बन रही है:
PCOS का खतरा: शारीरिक सक्रियता की कमी से वजन बढ़ता है, जो पीसीओएस (PCOS) और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं को जन्म देता है। यह ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को बाधित करता है।
पेल्विक कंजेशन: लंबे समय तक बैठने से गर्भाशय (Uterus) और अंडाशय (Ovaries) के आसपास रक्त का संचार सही से नहीं हो पाता, जिससे कंसीव करने में दिक्कत आ सकती है।
मानसिक तनाव: लगातार सिटिंग जॉब से होने वाला तनाव कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो सीधे तौर पर प्रजनन हार्मोन्स को प्रभावित करता है।
एक्सपर्ट की सलाह: कैसे बचें इस खतरे से?
विशेषज्ञों का कहना है कि काम छोड़ना संभव नहीं है, लेकिन आदतों में बदलाव करके इस जोखिम को कम किया जा सकता है:
'स्टैंडिंग ब्रेक' लें: हर 40-50 मिनट के बाद अपनी जगह से उठें और 5 मिनट के लिए टहलें।
लैपटॉप का सही इस्तेमाल: लैपटॉप को सीधे जांघों पर न रखें, हमेशा डेस्क या कूलिंग पैड का उपयोग करें।
स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज: दिन भर की थकान के बाद पेल्विक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और योग (जैसे बद्धकोणासन) जरूर करें।
हाइड्रेटेड रहें: भरपूर पानी पिएं, इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।