US-Iran Ceasefire: महायुद्ध की दहलीज से पीछे हटे अमेरिका और ईरान, ट्रंप ने किया 2 हफ्ते के युद्धविराम का एलान; जानें होर्मुज स्ट्रेट पर क्या बनी सहमति?
वॉशिंगटन/तेहरान | पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष के बीच दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ होने वाली सैन्य कार्रवाई को फिलहाल दो हफ्तों के लिए टालने का बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस दौरान दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) रहेगा। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही घंटों पहले दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर था और पूरी दुनिया पर तेल संकट का खतरा मंडरा रहा था।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने की बड़ी शर्त
इस युद्धविराम के बदले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सामने एक कड़वी लेकिन जरूरी शर्त रखी है। ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलना होगा। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से गुजरता है। ईरान ने इस शर्त को स्वीकार कर लिया है और कहा है कि अगले दो हफ्तों तक जहाजों की आवाजाही ईरानी सेना के समन्वय और तकनीकी सीमाओं के दायरे में सामान्य रहेगी।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और इस्लामाबाद में शांति बैठक की उम्मीद
इस कूटनीतिक सफलता के पीछे पाकिस्तान की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रयासों की सराहना की है। अरागची ने कहा, "अगर ईरान पर कोई हमला नहीं होता है, तो हमारी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी।" अब 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण शांति बैठक होने की संभावना है, जहां युद्ध के स्थायी समाधान पर चर्चा होगी।
10 बिंदुओं का प्रस्ताव: क्या खत्म होगा दशकों पुराना विवाद?
डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्हें ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे उन्होंने बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार माना है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान कई पुराने विवादों पर सहमति बनने के बेहद करीब हैं। हालांकि, उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने समझौते का उल्लंघन किया, तो उसके ऊर्जा ढांचे और बुनियादी सुविधाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
खामेनेई की मौत से बढ़ा था तनाव, अब शांति की तलाश
यह युद्ध तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया और होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया। पिछले एक महीने से जारी इस संघर्ष में खर्ग द्वीप और अल्बोर्ज प्रांत जैसे इलाकों में भारी बमबारी हुई है। फिलहाल, 14 दिनों का यह संघर्ष विराम कूटनीति के लिए एक 'खिड़की' साबित हो सकता है, जिससे दुनिया को तेल संकट और परमाणु युद्ध की आशंका से मुक्ति मिल सके।