UP Weather : यूपी में कुदरत का कहर दिन में छाया अंधेरा, लखनऊ-कानपुर समेत 27 जिलों में ओले और झमाझम बारिश
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी पर अचानक ब्रेक लग गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पूरे राज्य में आंधी-तूफान का सिलसिला शुरू हो गया है। लखनऊ में सुबह 10 बजे के करीब स्थिति ऐसी थी कि सड़कों पर वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। उन्नाव में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों के झुलसने की भी खबर है।
1. इन जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए निम्नलिखित जिलों में विशेष चेतावनी जारी की है:
मध्यांचल और पूर्वी यूपी: लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर और मिर्जापुर।
पश्चिमी यूपी: नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, मथुरा (जहाँ 87 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चली), आगरा, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर।
रुहेलखंड और बुंदेलखंड: बरेली, मुरादाबाद, संभल, बदायूं, बांदा और हमीरपुर।
2. तापमान में भारी गिरावट
इस बेमौसम बारिश के कारण पारे में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है:
अधिकतम तापमान 35-37°C से गिरकर सीधे 25-28°C तक पहुँचने की संभावना है।
दिन और रात के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे मौसम में फिर से हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है।
3. किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों को भारी नुकसान
यह बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए 'आफत' बनकर आई है:
गेहूं की फसल: गेहूं की फसल पकने की कगार पर है, तेज हवाओं और ओलों से फसल गिर (Lodging) रही है, जिससे दाना काला पड़ने का डर है।
बागवानी और सब्जियां: आम के बौर (मंजरी), सरसों, मटर और आलू की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को फिलहाल सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव रोकने की सलाह दी है।
4. अगले 3 दिनों का पूर्वानुमान (IMD Forecast)
21 मार्च: शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में वज्रपात (Lightning) के साथ मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
22 मार्च: रविवार से मौसम धीरे-धीरे साफ होना शुरू होगा।
23 मार्च: सोमवार से धूप खिलेगी और तापमान में फिर से बढ़ोत्तरी देखी जाएगी।
सावधानी बरतें (Advisory):
बिजली से बचें: गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।
ड्राइविंग: बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए धीमी गति से वाहन चलाएं।
कच्चे मकान: तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँच सकता है, सुरक्षित स्थानों पर रहें।