Kahaani 2 Case : सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 8 साल बाद कहानी 2 के कॉपीराइट केस से मिली मुक्ति
News India Live, Digital Desk: मशहूर फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। विद्या बालन स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कहानी 2' को लेकर चल रहा सालों पुराना कानूनी विवाद अब पूरी तरह खत्म हो गया है। देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने सुजॉय घोष के खिलाफ चल रही कॉपीराइट उल्लंघन की कार्यवाही को रद्द कर दिया है। जस्टिस की पीठ ने झारखंड हाई कोर्ट के पुराने आदेश और हजारीबाग कोर्ट द्वारा जारी समन को दरकिनार करते हुए फिल्ममेकर को क्लीन चिट दे दी है।
क्या था पूरा विवाद? क्यों फंसे थे सुजॉय घोष? यह मामला साल 2016 में फिल्म 'कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह' की रिलीज के बाद शुरू हुआ था। उमेश मेहता नामक एक लेखक ने आरोप लगाया था कि सुजॉय घोष ने उनकी लिखी स्क्रिप्ट 'सबक' की कहानी चुराई है। मेहता का दावा था कि उन्होंने अपनी कहानी सुजॉय को दिखाई थी, जिसे बिना अनुमति के 'कहानी 2' के रूप में पर्दे पर उतार दिया गया। इस शिकायत के बाद साल 2018 में हजारीबाग के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने सुजॉय घोष के खिलाफ समन जारी किया था, जिसके बाद मामला कानूनी पेचीदगियों में उलझ गया था।
सुप्रीम कोर्ट में सुजॉय घोष की दलीलें हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद सुजॉय घोष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। निर्देशक की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए कि 'कहानी 2' की पटकथा साल 2012 में ही तैयार कर ली गई थी। इतना ही नहीं, साल 2013 में ही इसे स्क्रीन राइटर एसोसिएशन (SWA) में रजिस्टर भी करा लिया गया था। सुजॉय ने स्पष्ट किया कि जिस समय उन्होंने स्क्रिप्ट रजिस्टर कराई थी, उस वक्त तक वह शिकायतकर्ता उमेश मेहता के संपर्क में भी नहीं आए थे और न ही उन्हें कोई स्क्रिप्ट मिली थी।
अदालत का फैसला और राहत की खबर मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सुजॉय घोष को कोर्ट में पेशी से छूट दे दी थी। अब विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि कॉपीराइट उल्लंघन का मामला प्रथम दृष्टया नहीं बनता है। सुप्रीम कोर्ट ने हजारीबाग कोर्ट के समन को रद्द करते हुए सुजॉय घोष के खिलाफ चल रहे सभी क्रिमिनल केस खत्म कर दिए हैं। इस फैसले के बाद फिल्म जगत में खुशी की लहर है, क्योंकि सुजॉय घोष पिछले कई सालों से इस कानूनी लड़ाई को लड़ रहे थे।