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March 26 2026 07:57 am

हिंदू नववर्ष पर बदली गई राम मंदिर की धर्मध्वजा, 25 नवंबर के बाद पहली बार शिखर पर लहराया नया ध्वज

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News India Live, Digital Desk: चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के आरंभ के साथ ही रामनगरी अयोध्या उत्सव के रंग में डूबी हुई है। इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह राम जन्मभूमि मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर नवीन ध्वज फहराया गया। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, शिखर ध्वज को समय-समय पर बदलने की परंपरा है, लेकिन पूर्ण निर्माण के बाद यह पहला औपचारिक बदलाव है।

1. ध्वज परिवर्तन का महत्व (Significance)

नव संवत्सर का स्वागत: हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज से नए साल की शुरुआत हो रही है। इस अवसर पर अयोध्या के लगभग 8,000 मंदिरों में नई धर्मध्वजा फहराई गई है, जिनमें राम मंदिर मुख्य है।

परंपरा का निर्वाह: विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी गोपाल नागरकट्टे के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को मंदिर निर्माण की पूर्णता के प्रतीक के रूप में जो ध्वज फहराया गया था, उसे अब विधि-विधान के साथ बदलकर नया भगवा ध्वज लगाया गया है।

2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा और 'श्री राम यंत्र' स्थापना

ध्वज परिवर्तन के साथ-साथ मंदिर में एक और ऐतिहासिक आध्यात्मिक घटना हुई:

श्री राम यंत्र स्थापना: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल, 19 मार्च को मंदिर की दूसरी मंजिल पर 'श्री राम यंत्र' और 'श्री राम नाम मंदिर' की स्थापना की।

वैदिक अनुष्ठान: इस अवसर पर काशी, दक्षिण भारत और अयोध्या के 51 वैदिक विद्वानों ने विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 'राम राज्य' की परिकल्पना को साकार करने वाला पल बताया।

श्रमिकों का सम्मान: राष्ट्रपति ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लगभग 400 निर्माण श्रमिकों (Shramjeevis) को सम्मानित भी किया।

3. रामलला की आरती और दर्शन के समय में बदलाव

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट ने रामलला की आरती के समय में भी आंशिक बदलाव किया है:

मंगला आरती: सुबह 4:00 बजे।

नवाह्न पारायण: मंदिर परिसर में आज से ही श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पारायण शुरू हो गया है, जिसकी पूर्णाहुति 27 मार्च को राम नवमी के दिन होगी।