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March 26 2026 03:16 am

8th Pay Commission Update 2026: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग पर 10 प्रमुख मांगें, जानें कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी

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नई दिल्ली: देशभर के लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 67 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए वर्ष 2026 उम्मीदों भरा साल साबित हो सकता है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को लेकर कर्मचारी संगठनों का दबाव सरकार पर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर आयोग के गठन की तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों और कर्मचारी यूनियनों की सक्रियता बताती है कि वेतन ढांचे में एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है।

1. फिटमेंट फैक्टर: 3.68 गुना बढ़ोतरी की उम्मीद

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है। वर्तमान में यह 2.57 गुना है, जिसे बढ़ाकर 3.68 या उससे अधिक करने की मांग की जा रही है। यदि सरकार इस मांग को मान लेती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा।

2. न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर होगा ₹26,000?

महंगाई के मौजूदा दौर को देखते हुए कर्मचारी चाहते हैं कि न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) की सीमा जो अभी ₹18,000 है, उसे बढ़ाकर ₹26,000 से ₹30,000 के बीच किया जाए। इससे निचले स्तर के कर्मचारियों को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिलेगी।

3. DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग

एक पुरानी मांग यह भी है कि जब महंगाई भत्ता (DA) 50% या उससे ऊपर पहुंच जाए, तो उसे मूल वेतन (Basic Salary) में समाहित कर दिया जाए। इससे एचआरए (HRA) और अन्य भत्तों की गणना नए और ऊंचे आधार पर होगी, जिससे नेट टेक-होम सैलरी काफी बढ़ जाएगी।

4. भत्तों का पुनर्मूल्यांकन: HRA और TA में सुधार

मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और मेडिकल अलाउंस की मौजूदा दरें काफी पुरानी हो चुकी हैं। कर्मचारी चाहते हैं कि इन भत्तों को वर्तमान बाजार दरों और महंगाई सूचकांक के अनुरूप संशोधित किया जाए।

5. प्रमोशन और पे-मैट्रिक्स का सरलीकरण

मौजूदा 'पे-मैट्रिक्स' और 'ग्रेड पे' सिस्टम को लेकर कई स्तरों पर विसंगतियां हैं। मांग की जा रही है कि प्रमोशन नीति को पारदर्शी और समयबद्ध (Time-bound) बनाया जाए ताकि एक ही पद पर लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल न गिरे।

6. पेंशन और NPS बनाम OPS का विवाद

पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम पेंशन में वृद्धि एक भावनात्मक और वित्तीय मुद्दा है। वहीं, नई पेंशन योजना (NPS) को लेकर कर्मचारियों में भारी असंतोष है। कर्मचारी चाहते हैं कि या तो पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए या NPS में ओपीएस की तरह ही 'गारंटीड रिटर्न' का प्रावधान हो।

7. कार्यस्थल की स्थिति और वर्क-लाइफ बैलेंस

वेतन के अलावा, कर्मचारी अब बेहतर कार्य वातावरण की भी मांग कर रहे हैं। इसमें अवकाश नीति में लचीलापन, काम के निश्चित घंटे और तनाव मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए नई गाइडलाइंस की अपेक्षा की जा रही है।

8. 8वें वेतन आयोग के गठन में देरी पर नाराजगी

आमतौर पर हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लागू होता है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, लिहाजा 2026 तक 8वें आयोग की सिफारिशें लागू हो जानी चाहिए। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि गठन में हो रही देरी से कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान हो रहा है।

विशेषज्ञों की राय: क्या कदम उठाएगी सरकार?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी बजट सत्र में सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन की औपचारिक घोषणा कर सकती है। चूँकि 2026 एक महत्वपूर्ण वर्ष है, सरकार चरणबद्ध तरीके से वेतन और पेंशन में सुधार के संकेत दे सकती है।