UP Panchayat Election Scam : शादी 5 फरवरी को, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम पहले ही दर् ससुराल पहुंचने से पहले बहू बनीं मतदाता
News India Live, Digital Desk : यूपी पंचायत चुनाव की बिसात बिछते ही गांवों में फर्जीवाड़े के खेल शुरू हो गए हैं। जयसिंहपुर तहसील के मैरी रंजीत गांव में एक ऐसा मामला पकड़ा गया है जिसने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ दो ऐसी लड़कियों के नाम मतदाता सूची में 'पत्नी' के रूप में दर्ज मिले हैं, जिनकी अभी शादी भी नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला? (The Amazing Fact)
शिकायत के अनुसार, संजना और सचिन नाम के जोड़े की शादी 5 फरवरी 2026 को होनी तय है (शादी के कार्ड के मुताबिक)। लेकिन हैरत की बात यह है कि शादी से पहले ही संजना का नाम ससुराल की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया।
एक नहीं, दो मामले: शिकायतकर्ता ने तहसील प्रशासन को ऐसे दो अलग-अलग मामलों के प्रमाण सौंपे हैं, जहाँ होने वाली बहुओं के नाम पहले ही लिस्ट में डाल दिए गए ताकि चुनाव में वोटों की संख्या बढ़ाई जा सके।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया: एसडीएम जयसिंहपुर ने इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए इसे 'जघन्य अपराध' करार दिया है। उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और दोषी बीएलओ (BLO) व अन्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
वोटर लिस्ट 2026: यूपी का ताजा अपडेट
उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग वर्तमान में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कर रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार:
नामों का कटना: पूरे प्रदेश में लगभग 2.89 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं (मृत्यु, पलायन या डुप्लीकेट होने के कारण)।
नए मतदाता: लगभग 40.19 लाख नए नाम जोड़े गए हैं, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक है।
आपत्ति दर्ज कराने का समय: यदि आपका नाम कट गया है या कोई त्रुटि है, तो आप 6 फरवरी 2026 तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
क्यों किया जाता है ऐसा फर्जीवाड़ा?
पंचायत चुनावों में जीत का अंतर अक्सर बहुत कम (10-20 वोट) होता है। ऐसे में प्रधान पद के उम्मीदवार या उनके समर्थक हर संभव कोशिश करते हैं कि उनके पक्ष में ज्यादा से ज्यादा वोट दर्ज हों। शादी से पहले बहू का नाम जुड़वाना इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि मतदान के दिन तक वह कानूनी रूप से गांव की निवासी बन सके, भले ही प्रक्रिया गलत तरीके से अपनाई गई हो।
सावधान: गलत जानकारी देने पर हो सकती है जेल
निर्वाचन नामावली में गलत जानकारी देकर नाम दर्ज कराना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।