यूपी बन गया देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था निर्भीक कारोबार और विश्वास से हुआ कमाल
News India Live, Digital Desk : एक समय जिस उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को विकास के पैमानों पर पिछड़ा माना जाता था, आज वह तेजी से बदल रहा है. यूपी ने आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है - यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है. सरकार का दावा है कि यह 'निर्भीक कारोबार' के माहौल और 'कारोबार करने में विश्वास' बढ़ने का नतीजा है, जिसने प्रदेश को इस मुकाम पर पहुंचाया है.
कैसे हासिल हुआ यह मुकाम?
यूपी सरकार का कहना है कि उन्होंने राज्य में 'कानून और व्यवस्था' की स्थिति को बहुत बेहतर किया है. अपराधों पर नकेल कसने से कारोबारी अब बिना किसी डर के अपना काम कर पा रहे हैं. साथ ही, सरकार ने 'निवेशकों के अनुकूल' नीतियां बनाई हैं और कारोबार करने में आने वाली अड़चनों को दूर किया है. यही वजह है कि राज्य में अब देसी-विदेशी निवेशक पैसा लगाने को तैयार हैं, जिससे उद्योग बढ़ रहे हैं और नए रोजगार पैदा हो रहे हैं.
अर्थव्यवस्था की मजबूत पकड़:
उत्तर प्रदेश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में काफी इजाफा हुआ है. कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. खास बात यह है कि पिछले सात सालों में सरकार ने इन क्षेत्रों में खास ध्यान दिया है, जिससे न केवल आर्थिक विकास की गति तेज़ हुई है, बल्कि गरीबों और वंचितों तक भी विकास का फायदा पहुंचने का दावा किया जा रहा है.
आत्मनिर्भरता और विकास का नया मॉडल:
सरकार का जोर अब 'आत्मनिर्भरता' और 'सर्वांगीण विकास' पर है. वे न केवल बड़े शहरों का विकास कर रहे हैं, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी बुनियादी ढांचा (जैसे सड़क, बिजली, पानी) मजबूत कर रहे हैं. बेहतर कनेक्टिविटी और बिजली की सुविधा ने गांवों में भी छोटे-मोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया है, जिससे लोग अपनी आय बढ़ा पा रहे हैं.
हालांकि, अभी भी चुनौतियां कम नहीं हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करना अभी भी एक बड़ा लक्ष्य है. फिर भी, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना एक बड़ी उपलब्धि है और यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश विकास के सही रास्ते पर है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी अपनी इस रफ्तार को कैसे बरकरार रखता है और लोगों के जीवन स्तर को और बेहतर कैसे बनाता है.