UGC New Rules Protest : लखनऊ में सवर्ण समाज का भारी हंगामा, क्या है UGC काला कानून जिस पर SC ने लगाई है रोक

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज एक बड़े विरोध प्रदर्शन का केंद्र बनी। 21 फरवरी 2026 को सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'परिवर्तन चौक' पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि सरकार द्वारा लाए गए ये नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात हैं।

क्या है पूरा विवाद? (UGC New Rules Controversy)

दरअसल, यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए 'UGC Promotion of Equity Regulations, 2026' लागू करने का प्रस्ताव रखा है। विवाद की मुख्य जड़ें निम्नलिखित हैं:

एकतरफा सुरक्षा का आरोप: सवर्ण संगठनों का दावा है कि इन नियमों में केवल SC, ST और OBC वर्गों को ही सुरक्षा के दायरे में रखा गया है, जबकि सामान्य वर्ग के साथ होने वाले भेदभाव को इसमें शामिल नहीं किया गया।

दुरुपयोग की आशंका: प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इस कानून की धाराओं का इस्तेमाल सवर्ण वर्ग के खिलाफ द्वेषपूर्ण तरीके से किया जा सकता है, जो सामाजिक समरसता को बिगाड़ सकता है।

'काला कानून' की संज्ञा: लखनऊ के सड़कों पर उतरे युवाओं ने इसे "शिक्षा क्षेत्र का काला कानून" बताते हुए केंद्र सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: 19 मार्च तक लगी है रोक

यह मामला केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले ही इन नियमों के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक (Stay Order) लगा दी है। अदालत ने माना है कि नियमों की कुछ भाषा 'अस्पष्ट' है और इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होनी तय है।

पुलिस की सख्ती: हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

लखनऊ पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिवर्तन चौक पर भारी घेराबंदी की थी। जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की, तो पुलिस ने सवर्ण मोर्चा के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। इस दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती की गई थी।