Trump Warns : ईरान के पास परमाणु बम मतलब मध्य एशिया की तबाही ट्रंप ने हमले को बताया सही, कहा चुप रहकर नहीं बैठ सकते
News India Live, Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पूरी दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल करने में कामयाब रहा, तो पूरा मध्य एशिया (Central Asia) पूरी तरह तबाह हो जाएगा। उन्होंने हाल ही में ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई और हमलों को 'बिल्कुल सही' करार देते हुए इसे वैश्विक शांति के लिए जरूरी बताया।
मध्य एशिया पर 'परमाणु काले बादल'
ट्रंप ने अपने संबोधन में साफ किया कि ईरान का परमाणु संपन्न होना केवल एक देश की समस्या नहीं है। उनके अनुसार:
खत्म हो जाएगा अस्तित्व: "अगर ईरान को परमाणु बम बनाने दिया गया, तो वह अपने पड़ोसी देशों और मध्य एशिया के लिए यमदूत साबित होगा। यह क्षेत्र पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो जाएगा।"
इजरायल और अरब देशों का खतरा: ट्रंप ने कहा कि ईरान की एटमी ताकत का पहला शिकार इजरायल और खाड़ी देश (Gulf Countries) होंगे, जिससे पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा संतुलन बिगड़ जाएगा।
"हमला करना ही एकमात्र रास्ता था"
ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वह किया जो दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी था।
डिप्लोमेसी फेल: ट्रंप का मानना है कि पिछले कई सालों की बातचीत और समझौते ईरान को रोकने में नाकाम रहे हैं, इसलिए सैन्य बल (Military Force) ही अब आखिरी विकल्प है।
आत्मरक्षा का अधिकार: ट्रंप ने कहा, "हमने जो किया वह बिल्कुल सही है। हम तब तक इंतजार नहीं कर सकते जब तक वह बटन न दबा दे। हमें खतरे को जड़ से खत्म करना होगा।"
अमेरिकी रणनीति: 'नो न्यूक्लियर ईरान'
राष्ट्रपति ट्रंप की नई नीति 'जीरो टॉलरेंस' पर आधारित है।
कड़े प्रतिबंध: ईरान पर आर्थिक रूप से नकेल कसने के बाद अब अमेरिका उसकी सैन्य क्षमताओं को ध्वस्त करने पर ध्यान दे रहा है।
सहयोगियों का साथ: ट्रंप ने मध्य एशिया और यूरोप के देशों से भी अपील की है कि वे इस 'अस्तित्व के युद्ध' में अमेरिका और इजरायल का साथ दें।
ईरान की ओर से आए कड़े तेवरों और मुजतबा खामेनेई के बयानों के बीच ट्रंप की यह चेतावनी दिखाती है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और भी हिंसक रूप ले सकता है।