Terror Plot Busted :भारत के खिलाफ विदेशी साजिश नाकाम NIA ने 7 विदेशियों को दबोचा, म्यांमार बॉर्डर पर ड्रोन सप्लाई का था प्लान
News India Live, Digital Desk: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की सुरक्षा में सेंध लगाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश किया है। NIA ने भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में 6 यूक्रेन (Ukraine) के और एक अमेरिका (US) का नागरिक शामिल है। इन सभी पर भारत के रास्ते म्यांमार के विद्रोही गुटों को हथियारों और अत्याधुनिक ड्रोन की सप्लाई करने का गंभीर आरोप है।
मिजोरम बना साजिश का केंद्र!
जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी वैध वीजा पर भारत आए थे, लेकिन उनकी गतिविधियां संदिग्ध थीं।
बिना परमिट एंट्री: आरोपी बिना अनिवार्य 'प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट' (RAP) लिए मिजोरम पहुँच गए थे।
म्यांमार कनेक्शन: मिजोरम से इन लोगों ने अवैध रूप से म्यांमार सीमा में प्रवेश किया और वहां उन जातीय सशस्त्र समूहों (Ethnic Armed Groups) से मुलाकात की, जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।
ड्रोन स्मगलिंग: NIA के मुताबिक, ये विदेशी नागरिक यूरोप से भारी मात्रा में ड्रोन (Drones) और अन्य आतंकी साजो-सामान मंगवाकर भारत के रास्ते म्यांमार स्थित विद्रोही गुटों तक पहुँचा रहे थे।
UAPA के तहत बड़ी कार्रवाई
इन गिरफ्तारियों को NIA की विभिन्न टीमों ने एक गुप्त और समन्वित अभियान के जरिए अंजाम दिया।
कोलकाता में गिरफ्तारी: अमेरिकी नागरिक को इमिग्रेशन ब्यूरो ने कोलकाता हवाई अड्डे पर उस समय हिरासत में लिया जब वह देश छोड़ने की फिराक में था।
सख्त धाराएं: सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
टेक्निकल जांच: अब जांच एजेंसी इन आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का विश्लेषण कर रही है ताकि भारत के भीतर उनके मददगारों (Sleeper Cells) का पता लगाया जा सके।
क्यों है यह भारत के लिए चिंता का विषय?
म्यांमार की सीमा से सटे पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे मिजोरम और मणिपुर) में अस्थिरता का फायदा उठाकर ये विद्रोही गुट भारतीय उग्रवादियों को ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराते हैं। ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल निगरानी और हमले, दोनों के लिए किया जा सकता है, जो भारतीय सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती है।