हिमाचल के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ट्रेकिंग पर लगे कड़े प्रतिबंध और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती

हिमाचल के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ट्रेकिंग पर लगे कड़े प्रतिबंध और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती

देवभूमि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती, ऊंचे-ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़ और रोमांचक ट्रैक देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के एडवेंचर प्रेमियों को हमेशा से अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में मौसम के बदलते मिजाज, लगातार हो रहे भूस्खलन, बादल फटने की घटनाओं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के फंसने के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने राज्य में 3000 मीटर यानी लगभग 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले सभी ट्रेकिंग रूट्स और पर्वतीय मार्गों पर अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह से रोक लगा दी है। पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के शौकीन लोग अक्सर बिना मौसम की स्थिति का आंकलन किए जोखिम भरे रास्तों पर निकल जाते हैं, जिससे उनकी जान पर बड़ा खतरा बन जाता है। इस कड़े फैसले के बाद अब कोई भी व्यक्ति या ट्रेकिंग दल अपनी मर्जी से इन ऊंचाई वाले रास्तों पर सफर नहीं कर सकेगा। पर्यटन विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और जब तक मौसम पूरी तरह से अनुकूल नहीं हो जाता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित नहीं किए जाते, तब तक इस प्रतिबंध में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। इस अचानक लगे बैन के बाद से उन हजारों सैलानियों और ट्रेकर्स के बीच हड़कंप मच गया है जिन्होंने महीनों पहले से अपनी बुकिंग करवा रखी थी और अपने गर्मियों या छुट्टियों के प्लान बना चुके थे।

यदि आपने गाइड को दे दिए हैं पैसे और बुक कर लिया है पैकेज, तो अब आगे क्या करें और कैसे मिलेगी अनुमति

जो सैलानी पहले ही अपनी ट्रेकिंग की योजना बना चुके हैं, एडवांस बुकिंग करा चुके हैं और स्थानीय गाइड या ट्रेकिंग एजेंसियों को हजारों-लाखों रुपये का भुगतान कर चुके हैं, उनके मन में अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि उनके पैसों का क्या होगा और क्या उन्हें किसी भी स्थिति में यात्रा करने की अनुमति मिल सकती है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों और टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने अधिकृत और पंजीकृत (Registered) एजेंसियों के माध्यम से बुकिंग की है, वे संबंधित एजेंसी से संपर्क करके अपने पैसों की रिफंड पॉलिसी या डेट री-शेड्यूलिंग (Date Rescheduling) के बारे में बात कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि कोई ट्रेकर ग्रुप विशेष वैज्ञानिक या व्यावसायिक शोध के उद्देश्य से या फिर बेहद अनुभवी पर्वतारोही के रूप में जाना चाहता है, तो उसे जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) से लिखित रूप में विशेष अनुमति लेनी होगी। इस अनुमति को पाने के लिए ट्रेकर्स को अपना पूरा फिटनेस सर्टिफिकेट, मेडिकल रिपोर्ट, यात्रा का रूट मैप, आपातकालीन बचाव योजना (Emergency Evacuation Plan) और पंजीकृत गाइड का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रशासन केवल उन्हीं मामलों में सीमित अनुमति देगा जहां सुरक्षा के सभी मानदंडों का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा हो, अन्यथा अनाधिकृत रूप से ट्रेकिंग करते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

सुरक्षित पर्यटन और साहसिक खेलों के नए नियम, ट्रेकर्स के लिए सरकार की सख्त गाइडलाइंस

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते पर्यटन के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब पूरी तरह से गंभीर और एक्टिव मोड में नजर आ रही है। आए दिन पहाड़ों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए यह जरूरी हो गया था कि साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के क्षेत्र में कड़े नियम लागू किए जाएं। नई गाइडलाइंस के तहत अब हर ट्रेकिंग एजेंसी के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे बिना प्रशासन की पूर्व अनुमति के किसी भी पर्यटक को 3000 मीटर से ऊपर के ट्रैक पर न ले जाएं। इसके साथ ही, ट्रेकर्स के पास सैटेलाइट फोन, जीपीएस ट्रैकर और पर्याप्त मात्रा में मेडिकल किट होना भी जरूरी कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क साधा जा सके। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही इस प्रतिबंध से शुरुआती दौर में पर्यटन कारोबार को थोड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा हो, लेकिन यह लंबी अवधि में पर्यटकों की जान बचाने के लिए एक बेहद सराहनीय और जरूरी कदम है। पहाड़ों की यात्रा हमेशा रोमांचक होती है, लेकिन लापरवाही कई बार भारी पड़ जाती है, इसलिए प्रशासन के इन नए नियमों का पालन करना हर पर्यटक और ट्रेकर की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। यदि आप भी आने वाले दिनों में हिमाचल के पहाड़ों की सैर या ट्रेकिंग का प्लान बना रहे हैं, तो यात्रा पर निकलने से पहले ताजा मौसम अपडेट और आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें, ताकि आपकी छुट्टियां बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और यादगार बन सकें।