दिल्ली से 7-8 घंटे की ड्राइव पर बसा है ये छिपा हुआ बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन
दैनिक भागदौड़ भरी जिंदगी, महानगरों के अंतहीन शोर-शराबे और धूल-धक्कड़ से उबकर जब भी कोई व्यक्ति सुकून के कुछ पल बिताना चाहता है, तो सबसे पहले उसके जेहन में पहाड़ों की हसीन वादियों का ख्याल आता है। अमूमन दिल्ली-एनसीआर या उत्तर भारत के लोगों के मन में जब भी वीकेंड ट्रिप या लंबी छुट्टियों की बात आती है, तो शिमला, मसूरी, नैनीताल या मनाली जैसे पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय हिल स्टेशनों के नाम सबसे पहले जुबान पर आते हैं। लेकिन समस्या यह है कि आजकल इन तमाम नामी-गिरामी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों का इतना भारी हुजूम और लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है कि वहां जाने पर सुकून मिलने के बजाय उलटे मानसिक थकान और ज्यादा बढ़ जाती है। यदि आप भी इस भीड़-भाड़ और व्यावसायिक पर्यटन से तंग आ चुके हैं और अपने परिवार या दोस्तों के साथ किसी ऐसी शांत, खूबसूरत और अनछुए जगह की तलाश में हैं जो दिल्ली से महज 7-8 घंटे की सुहानी ड्राइव पर स्थित हो, तो देवभूमि हिमाचल प्रदेश की गोद में बसा 'चंबा' (Chamba) या उत्तराखंड का 'चकराता' (Chakrata) आपके लिए एक परफेक्ट और जादुई डेसाबित हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस शांत और मनमोहक पहाड़ी ठिकाने के बारे में जो आपकी हर थकान पल भर में दूर कर देगा।
शिमला और मसूरी की भीड़ से क्यों है यह जगह बिल्कुल अलग: प्रकृति की गोद में बसा है असली अनछुआ स्वर्ग
जब आप दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम जैसे महानगरों से अपनी कार या कैब लेकर पहाड़ों की ओर निकलते हैं, तो आमतौर पर मुख्य हाईवे और पर्यटक नगरों में प्रवेश करते ही गाड़ियों की लंबी कतारें आपका स्वागत करती हैं। इसके विपरीत, यदि आप हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत ऐतिहासिक शहर चंबा या उत्तराखंड के एकांत में बसे चकराता की ओर रुख करते हैं, तो रास्ते का हर एक मोड़ आपको शहरी कोलाहल से कोसों दूर एक अलग ही दुनिया में ले जाता है। यहां की संकरी और साफ-सुथरी सड़कें, चीड़, देवदार और ओक के ऊंचे-ऊंचे घने जंगल, और पहाड़ों की चोटियों से बहती ठंडी व शुद्ध हवा आपके मन को तरोताजा कर देती है। इन जगहों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां अभी तक बड़े-बड़े कमर्शियल मॉल्स, कंक्रीट के जंगल और भारी व्यावसायिककरण ने अपने पैर पूरी तरह से नहीं पसारे हैं, जिसके कारण यहां की प्राकृतिक सुंदरता और कल-कल बहते झरनों का संगीत अपने मूल और प्राचीन रूप में सुरक्षित बचा हुआ है।
दिल्ली से तय होने वाला 7-8 घंटे का यह सफर: रास्ते के मनमोहक नज़ारे और रोड ट्रिप का असली रोमांच
राजधानी दिल्ली से इस शांत हिल स्टेशन तक की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 300 से 350 किलोमीटर के आसपास है, जिसे कार से तय करने में अमूमन 7 से 8 घंटे का समय लगता है। यदि आप सुबह तड़के दिल्ली से अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं, तो हरियाणा और पंजाब के मैदानी इलाकों से होते हुए जैसे ही आप शिवालिक पहाड़ियों या उत्तराखंड-हिमाचल की तलहटी में प्रवेश करते हैं, मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाता है। रास्ते में मिलने वाले छोटे-छोटे पहाड़ी ढाबे, गर्मागर्म चाय, परांठे और नदी किनारे की वादियां इस रोड ट्रिप के मजे को दोगुना कर देती हैं। ड्राइविंग के शौकीनों के लिए इन घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाना अपने आप में एक बेहद रोमांचक अनुभव होता है, जहां हर अगले मोड़ पर कोई न कोई नया प्राकृतिक सौंदर्य आपका इंतजार कर रहा होता है। रास्ते में आने वाले स्थानीय बाजार और ग्रामीण संस्कृति की झलक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है, जिससे सफर की सारी थकान चुटकियों में गायब हो जाती है।
घूमने के लिए प्रमुख आकर्षण और लोकल डिशेज: परिवार के साथ बिताए गए ये पल बन जाएंगे जीवनभर की खूबसूरत यादें
इस खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन पर पहुंचने के बाद आपके पास देखने और अनुभव करने के लिए अनगिनत चीजें मौजूद हैं। अगर आप इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखते हैं, तो यहां के प्राचीन मंदिर, लकड़ी की उत्कृष्ट नक्काशी वाले घर और पुराने किले आपको उस दौर की दास्तान सुनाएंगे। प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां के अनछुए ट्रेकिंग ट्रेल्स, वाटरफॉल और सनसेट पॉइंट किसी जन्नत से कम नहीं हैं, जहां बैठकर घंटों बिना किसी शोर के केवल पक्षियों की चहचहाहट और हवाओं की सरसराहट को महसूस किया जा सकता है। इसके अलावा, यहां के स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों जैसे सिड्डू, मद्रा और पारंपरिक चाय का स्वाद लेना आपके सफर को और अधिक जायकेदार बना देता है। यदि आप भी इस वीकेंड या आगामी छुट्टियों में भीड़भाड़ से दूर एक सुकून भरा सफर करना चाहते हैं, तो बिना देर किए अपने बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए इस अनजाने और खूबसूरत रास्ते पर।