बिहार में ट्रेन यात्रा सुरक्षित नहीं? आरा आउटर पर उपद्रवियों का तांडव, गार्ड और ड्राइवर को बनाया निशाना

Post

News India Live, Digital Desk : आप ट्रेन में सुकून से अपने घर जा रहे हों, रात का वक्त हो और अचानक खिड़कियों पर पत्थरों की बारिश शुरू हो जाए। कुछ ऐसा ही डरावना मंजर बिहार के आरा (Ara) में देखने को मिला। आनंद विहार से जोगबनी जा रही सीमांचल एक्सप्रेस (12488) के यात्रियों के लिए बीती रात किसी बुरे सपने से कम नहीं थी।

चेन पुलिंग करके बुलाई आफत
घटना आरा जंक्शन के पूर्वी केबिन (आउटर सिग्नल) के पास की है। हमेशा की तरह ट्रेन अपनी रफ़्तार में थी, तभी अचानक किसी ने चेन पुलिंग (ACP) कर दी। ट्रेन झटके से रुक गई। यात्रियों को लगा कि शायद सिग्नल नहीं है, लेकिन असल खतरा तो अब शुरू होने वाला था।

जैसे ही गार्ड और ड्राइवर नीचे उतरकर यह देखने गए कि वैक्यूम कहाँ से हुआ है, तभी वहां छिपे असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला बोल दिया।

पत्थर और गोलियों की गूंज
चश्मदीदों और रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने पहले ट्रेन पर जमकर पथराव किया। पत्थरों की आवाज से बोगियों में सो रहे बच्चे और महिलाएं सहम गए। एसी कोच (B-2) के शीशे चकनाचूर हो गए। हद तो तब हो गई जब वहां गोलियां चलने (Firing) की आवाजें सुनी गईं। खबर है कि गार्ड और ड्राइवर को डराने के लिए फायरिंग की गई थी।

गनीमत रही कि ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड ने सूझबूझ दिखाई और अपनी जान बचाई। यात्रियों ने डर के मारे अपनी खिड़कियां और दरवाजे बंद कर लिए। बोगी के अंदर अफरा-तफरी का माहौल था।

क्यों हुआ ये हमला?
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये लुटेरों का काम था या शराब तस्करों की कोई खुन्नस। अक्सर बिहार के इन इलाकों में अपराधी ट्रेन रोककर लूटपाट की कोशिश करते हैं। सूचना मिलते ही RPF और GRP की टीम मौके पर दौड़ी, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर उपद्रवी भागने में कामयाब रहे।

इस घटना ने एक बार फिर बिहार में रेल यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या हमारा और आपका सफर भगवान भरोसे ही है? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पटरियों के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।