दवा से भी तेज काम करती है हाथों की ये जादुई मुद्रा, गैस और घुटनों के दर्द से चाहिए छुट्टी, तो बस 15 मिनट करें ये काम

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News India Live, Digital Desk : हम अक्सर कहते हैं कि हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है मिट्टी, पानी, आग, आकाश और हवा (वायु)। आयुर्वेद कहता है कि जब शरीर में हवा या 'वायु' का संतुलन बिगड़ जाता है, तभी पेट में गैस, जोड़ों का दर्द और साइटिका जैसी दिक्कतें पैदा होती हैं। इसे ही हम साधारण भाषा में 'बाय-बादी' का दर्द भी कहते हैं।

इसी हवा को कंट्रोल करने का काम करती है वायु मुद्रा

कैसे काम करती है ये मुद्रा?

हमारे हाथों की इंडेक्स फिंगर (तर्जनी उंगली यानी अंगूठे के बगल वाली) वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। जब हम इस उंगली को मोड़कर अंगूठे के आधार (Base) पर दबाते हैं, तो शरीर की एक्स्ट्रा हवा बाहर निकलना शुरू हो जाती है। यह एक रिमोट कंट्रोल की तरह काम करता है जो आपके बिगड़े हुए वात (Vata) को सेट कर देता है।

इससे मिलने वाले बेमिसाल फायदे:

  1. गैस और एसिडिटी में तुरंत आराम: अगर आपने भारी खाना खा लिया है और पेट फूला हुआ महसूस हो रहा है, तो 15-20 मिनट शांति से बैठकर यह मुद्रा लगाएं। डकारें आने लगेंगी और पेट का भारीपन गायब हो जाएगा।
  2. जोड़ों और घुटनों का दर्द: वात रोग की वजह से घुटनों में कटकट की आवाज आना या तेज दर्द होना बहुत आम है। रोजाना इसका अभ्यास जोड़ों की लुब्रिकेशन और हवा को कम करता है जिससे चलने-फिरने में आसानी होती है।
  3. साइटिका और नसों का दर्द: अगर आपके पैर की नसों में खिंचाव या साइटिका का दर्द रहता है, तो वायु मुद्रा नसों को रिलैक्स करने में बहुत मदद करती है।
  4. घबराहट और एंग्जायटी: कई बार पेट में ज्यादा गैस होने से दिल पर दबाव पड़ता है और घबराहट होती है। यह मुद्रा आपके मन को शांत रखने और एंग्जायटी को कम करने में भी असरदार है।

इसे करने का सही तरीका क्या है?

इसे करना बेहद आसान है। आप इसे कहीं भी कर सकते हैं—सोफे पर बैठकर टीवी देखते समय, पार्क में टहलते हुए या ऑफिस में ब्रेक के दौरान।

  • अपनी इंडेक्स फिंगर (इशारे वाली उंगली) को मोड़ें और इसे अपने अंगूठे की जड़ पर लगा दें।
  • अब अंगूठे से उंगली को हल्का सा दबाएं।
  • बाकी तीन उंगलियां सीधी रखें।
  • अच्छे रिजल्ट के लिए इसे दिन में कम से कम 15 से 45 मिनट तक करना चाहिए।

ध्यान रखने वाली बात:
यह एक बहुत ही सुरक्षित योग क्रिया है, लेकिन अगर आपको बहुत पुरानी और गंभीर बीमारी है, तो योग एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। बस एक बात का ध्यान रखें—जब आपकी गैस या दर्द की समस्या ठीक हो जाए, तो इस मुद्रा का अभ्यास बंद कर दें, क्योंकि इसे लंबे समय तक करते रहने से शरीर के जरूरी वात (Air element) में कमी आ सकती है।

योग की यह छोटी सी आदत आपकी महंगी दवाइयों के खर्चे को कम कर सकती है। आज ही इसे आजमाएं और अपने शरीर के 'विंड प्रेशर' को कुदरती तरीके से कंट्रोल करें!