बिस्तर पर जाते ही आएगी घोड़े बेचकर वाली नींद, आज ही आजमाएं आयुर्वेद की ये 5 जड़ी-बूटियाँ, थकान होगी रफू-चक्कर
News India Live, Digital Desk : हम अक्सर कहते हैं कि "नींद तो ऊपर वाले की सबसे बड़ी नेमत है," लेकिन जब यही नींद रूठ जाए तो पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। जब दिमाग चौबीसों घंटे 'ओवर-थिंकिंग' मोड में रहता है, तो शरीर को चाहकर भी आराम नहीं मिलता। आयुर्वेद का मानना है कि नींद न आने की सबसे बड़ी वजह शरीर में बढ़ा हुआ 'वात' दोष है। जब मन हवा की तरह भागने लगता है, तो उसे ठहराव की जरूरत होती है।
आयुर्वेद की रसोई और पुराने नुस्खों में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं, जो कुदरती तौर पर हमारे स्लीप हार्मोन (Melatonin) को बेहतर बनाती हैं।
1. अश्वगंधा: कुदरती स्ट्रेस-बस्टर
नाम तो आपने सुना ही होगा! अश्वगंधा को आयुर्वेद का राजा कहा जाता है। यह तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन 'कोर्टिसोल' को कम करता है। अगर आप रात को सोने से पहले आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर गुनगुने दूध में मिलाकर पीते हैं, तो यह आपके नर्वस सिस्टम को शांत करता है और आपको गहरी नींद में ले जाता है।
2. ब्राह्मी: दिमाग को मिलने वाला 'ठंडा' सुकून
क्या आपके दिमाग में विचारों की ट्रैफिक लगी रहती है? ब्राह्मी उसी ट्रैफिक को कम करती है। यह न केवल याददाश्त बढ़ाती है, बल्कि इमोशनल स्ट्रेस को भी दूर करती है। इसे लेने से मन शांत होता है और बिना किसी घबराहट के आपको अच्छी नींद आती है।
3. जटामांसी: शांति की जड़
जटामांसी की जड़ें देखने में भले ही अजीब लगें, लेकिन इनका असर कमाल का है। यह दिमाग के भारीपन और नींद की बीमारी (Insomnia) के लिए रामबाण मानी जाती है। यह एक 'नेचुरल सेडेटिव' की तरह काम करती है, लेकिन इसमें दवाइयों की तरह लत नहीं लगती।
4. शंखपुष्पी: शांति और एकाग्रता के लिए
अक्सर तनाव की वजह से जब हमारा मन अशांत होता है, तो शंखपुष्पी उसे स्थिरता देती है। इसे लेने से न केवल दिमाग की थकावट दूर होती है, बल्कि क्वालिटी स्लीप भी मिलती है।
5. तगर (Indian Valerian): गहरी नींद का असली राज
तगर का इस्तेमाल आयुर्वेद में नींद से जुड़ी समस्याओं के लिए सालों से हो रहा है। यह सीधे हमारे दिमाग के उन केंद्रों पर काम करता है जो आराम और नींद के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसे आप पाउडर या कैप्सूल के रूप में ले सकते हैं।
सोने से पहले की एक छोटी सी टिप:
जड़ी-बूटियों के साथ-साथ एक छोटा सा काम और करें। रात को सोने से पहले अपने पैरों के तलवों की तेल (जैसे तिल का तेल) से मालिश करें। यह छोटा सा आयुर्वेदिक नुस्खा आपकी नसों को इतना रिलैक्स कर देगा कि आप पलक झपकते ही सो जाएंगे।
कुदरत ने हमें हर समस्या का हल दिया है, जरूरत है बस सही जानकारी की। तो दवाइयों के चक्कर छोड़ें और आयुर्वेद के इन सरल नुस्खों से अपने शरीर को कुदरती आराम दें।