Ayurvedic Herbs : नीम को तो सब जानते हैं, लेकिन बकायन के ये फायदे जान ,हैरान रह जाएंगे आप

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News India Live, Digital Desk: जब भी हम आयुर्वेद की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में महंगे पाउडर या कैप्सूल आते हैं। लेकिन सच तो ये है कि सबसे बड़ी दवाइयां हमारे घर के आसपास लगे पेड़ों में ही छिपी हैं। ऐसा ही एक पेड़ है बकायन। दिखने में यह बिल्कुल नीम जैसा ही होता है, बस इसके फल थोड़े अलग होते हैं।

आयुर्वेद में बकायन को 'खून साफ करने वाला' और 'अंदरूनी जख्मों को भरने वाला' सबसे ताकतवर पेड़ माना गया है। चलिए जानते हैं यह आपके लिए क्यों जरूरी है।

1. नेचुरल बॉडी डिटॉक्स (शरीर की गंदगी करे साफ)
आजकल हम जो भी बाहर का खाना खाते हैं, उससे हमारे शरीर और खून में टॉक्सिन्स (गंदगी) जमा हो जाते हैं। बकायन की पत्तियों या इसकी छाल का काढ़ा पीने से शरीर की अंदरूनी सफाई होती है। यह आपके लिवर को मजबूत करता है और खून में मौजूद अशुद्धियों को बाहर निकाल देता है, जिससे आपकी स्किन पर नेचुरल ग्लो आने लगता है।

2. बवासीर (Piles) के लिए रामबाण
बवासीर एक ऐसी तकलीफ है जिसके बारे में लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं। बकायन के बीजों को पीसकर अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह खूनी और बादी—दोनों तरह की बवासीर में बहुत राहत देता है। कई लोग तो इसे पाइल्स का सबसे पक्का इलाज मानते हैं।

3. पुरानी कब्ज और पेट की समस्या
अगर आपका पेट हमेशा भारी रहता है या आपको लंबे समय से कब्ज है, तो बकायन के फूल और पत्तियों का इस्तेमाल आपके डाइजेशन को ठीक कर सकता है। यह आंतों में जमा पुराने मल को निकालने में मदद करता है और पेट को ठंडक देता है।

4. चर्म रोग और खुजली से छुटकारा
दाद, खाज, खुजली या पिंपल्स से परेशान हैं? बकायन की पत्तियों को पीसकर इसका लेप प्रभावित जगह पर लगाने से जादुई असर दिखता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण इन्फेक्शन को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं।

5. बुखार और जोड़ों के दर्द में राहत
बकायन की छाल का काढ़ा शरीर के तापमान को कंट्रोल करने में मदद करता है। साथ ही, इसके तेल की मालिश करने से गठिया और जोड़ों के पुराने दर्द में काफी आराम मिलता है।

कैसे करें इस्तेमाल?
बकायन का इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं। इसकी छाल का काढ़ा बनाया जा सकता है, बीजों का पाउडर लिया जा सकता है या पत्तियों का रस। हालांकि, यह काफी शक्तिशाली औषधि है, इसलिए इसकी मात्रा (Dosage) का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

सावधानी:
किसी भी जड़ी-बूटी की तरह, बकायन का उपयोग शुरू करने से पहले किसी आयुर्वेद एक्सपर्ट या डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि हर किसी की बॉडी टाइप अलग होती है। खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बिना सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

प्रकृति के पास हमारी हर समस्या का हल है, बस हमें उस पुरानी पहचान को फिर से ताजा करने की जरूरत है। बकायन उसी खोई हुई विरासत का एक हिस्सा है जिसे आज अपनी डाइट या इलाज में शामिल किया जा सकता है।