रायपुर में आज से बदल जाएगा पुलिसिंग का अंदाज़ा अपराधियों की खैर नहीं, जानिए आखिर क्या है ये नया सिस्टम

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News India Live, Digital Desk: अगर आप रायपुर में रहते हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए शहर की पुलिसिंग व्यवस्था में भारी बदलाव किया है। आज से रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम (Police Commissionerate System) शुरू हो गया है। सीधे शब्दों में कहें तो, अब पुलिस को शहर चलाने और कानून बनाए रखने के लिए ज़्यादा आज़ादी और ताकत मिल गई है।

अक्सर आपने देखा होगा कि किसी बड़े मुद्दे या प्रदर्शन के वक्त पुलिस को कलेक्टर (डीएम) से इजाजत लेनी पड़ती थी। लेकिन नए सिस्टम के आने के बाद, रायपुर के 21 महत्वपूर्ण थाने अब सीधे पुलिस कमिश्नर के दायरे में आएंगे। अब लाठीचार्ज की अनुमति हो या धारा 144 लगाने का फैसला, ये सब पुलिस विभाग खुद तुरंत तय कर पाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि आपातकालीन स्थिति में फैसले लेने में अब देर नहीं होगी।

लोग अक्सर सवाल करते हैं कि इससे आम आदमी को क्या फायदा? देखिए, जब पुलिस के पास फैसला लेने की शक्ति बढ़ती है, तो अपराध नियंत्रण (Crime Control) और ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार की संभावना काफी बढ़ जाती है। शहर में गुंडे-बदमाशों और अपराधियों पर अब सीधे कमिश्नर की पैनी नज़र होगी। रायपुर अब देश के उन चुनिंदा बड़े शहरों में शामिल हो गया है, जहाँ पुलिस को मजिस्ट्रियल पावर मिली हुई है।

शुरुआती दौर में इसे शहर के 21 थानों में प्रभावी किया गया है। इसका मतलब है कि रायपुर का कोर इलाका अब सुरक्षा के नए घेरे में होगा। प्रशासन का मानना है कि शहर की आबादी और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए यह सिस्टम बहुत ज़रूरी था। हालाँकि, अधिकारियों के सामने यह भी चुनौती होगी कि वे अपनी नई ताकतों का सही इस्तेमाल करें और आम जनता के मन में खाकी के प्रति विश्वास और ज़्यादा मज़बूत करें।

आपके इलाके का थाना इस नए सिस्टम में है या नहीं, यह एक बार जरूर पता कर लीजियेगा। वैसे रायपुर की इस नई 'पुलिस कमिश्नरेट' व्यवस्था पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि इससे शहर के क्राइम रेट में गिरावट आएगी? कमेंट में हमें जरूर बताएं।