बनारस की सर्द रातों का ये दर्द घंटों लेट हुईं ट्रेनें, कांपते लोग और प्लेटफॉर्म पर बीतती मुसाफिरों की रातें

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News India Live, Digital Desk : जिसकी सुबह की चाय और गंगा की घाट की सुहानी ठंड का जिक्र हर कोई करता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से वाराणसी के रेलवे स्टेशनों (वाराणसी जंक्शन और बनारस स्टेशन) का नज़ारा कुछ और ही बयां कर रहा है। कोहरा और सर्द हवाएं भले ही सुकून देने वाली हों, लेकिन जो मुसाफिर सफर में हैं, उनके लिए ये किसी परीक्षा से कम नहीं है।

अमूमन जो सफर कुछ घंटों का होता था, वो अब आधा दिन या उससे भी ज्यादा समय खा रहा है। कोहरे की चादर इतनी घनी है कि कुछ फीट आगे भी देख पाना मुश्किल है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा हमारी भारतीय रेलवे और उससे जुड़े मुसाफिरों को उठाना पड़ रहा है।

स्टेशन पर घंटों का वो खामोश इंतज़ार
अगर आप वाराणसी स्टेशन के किसी भी प्लेटफॉर्म पर चले जाएं, तो आपको सैकड़ों लोग चादरें बिछाकर, बच्चों को अपनी गोदी में समेटे इंतज़ार करते दिख जाएंगे। ट्रेन का समय बीत चुका है, पूछताछ केंद्र (Inquiry Desk) पर बार-बार अपडेट पूछा जा रहा है, लेकिन जवाब मिलता है "ट्रेन अभी 5 घंटे और लेट है।"

कल्पना कीजिये उन बुजुर्गों की और उन नन्हे बच्चों की, जिन्हें खुले प्लेटफॉर्म पर इन ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से सिगनल्स ठीक से दिख नहीं रहे और रफ़्तार 20-30 किलोमीटर तक सिमट गई है। वंदे भारत हो या राजधानी, कोहरे के आगे सबकी रफ़्तार ठंडी पड़ चुकी है।

भूख, प्यास और वो कंपकंपाती ठंड
स्टेशन पर रुकी हुई ट्रेनों में बैठे यात्री सबसे ज्यादा परेशान हैं। पानी और खाना ख़त्म हो रहा है और कई बार ट्रेनें आउटर पर ही खड़ी कर दी जाती हैं। कई लोग वाराणसी स़िर्फ घूमने नहीं, बल्कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद वापस काम पर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उनकी प्लानिंग अब पूरी तरह बेपटरी हो गई है। ऑफिस की छुट्टियाँ ख़त्म हो रही हैं, फ्लाइट्स के कनेक्शन छूट रहे हैं, पर 'मौसम की मनमानी' पर किसी का ज़ोर नहीं है।

वाराणसी की स्थिति और रेल विभाग की कोशिशें
हालांकि, रेलवे अपनी तरफ से फॉग-सेफ्टी डिवाइस (Fog Safety Device) के भरोसे गाड़ियों को धीरे-धीरे चलाने की कोशिश कर रहा है, ताकि कम से कम सुरक्षा बनी रहे। लेकिन जब दृश्यता (Visibility) शून्य हो जाए, तो चालक (Pilot) भी जोखिम नहीं ले सकते। यात्रियों के लिए स्टेशनों पर शेल्टर और कंबल के इंतज़ाम किए तो गए हैं, लेकिन भारी भीड़ के सामने वो नाकाफी साबित हो रहे हैं।

चलते-चलते एक मशविरा...
अगर आप आने वाले दिनों में वाराणसी के लिए ट्रेन टिकट बुक कर रहे हैं, तो रेलवे के लाइव स्टेटस को लगातार चेक करते रहें। मुमकिन हो तो एक्स्ट्रा खाना, पानी और पर्याप्त गर्म कपड़े अपने पास रखें। मौसम के इस तेवर को देखते हुए बेहतर होगा कि सफर के लिए अपने पास 8-10 घंटों का मार्जिन लेकर चलें।

बनारस की ये ठंड सुहानी है, बशर्ते आप अपनी रजाई में हों। प्लेटफॉर्म की इस ठंड और इंतज़ार का जो दर्द यात्री सह रहे हैं, वो सिर्फ एक यात्री ही समझ सकता है।