ट्रेन टिकट कैंसिल करने का है प्लान? रेलवे ने बदले हैं नियम, अब पैसे वापस मिलने में आएगी ये दिक्कत
News India Live, Digital Desk: आजकल हम सबकी पहली पसंद 'वंदे भारत' ट्रेन बन गई है। चाहे आराम हो या रफ्तार, इस ट्रेन ने भारतीय रेलवे की तस्वीर बदल दी है। अब लोग बेसब्री से 'वंदे भारत स्लीपर' और 'अमृत भारत एक्सप्रेस' के ट्रैक पर आने का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन, अगर आप भी इन नई ट्रेनों में सफर की प्लानिंग कर रहे हैं, तो रुकिए! टिकट बुक करने की जितनी जल्दी आपको है, उससे ज्यादा ज़रूरी ये जानना है कि टिकट कैंसिल करने पर क्या होगा।
क्या है नया मामला?
खबर ये है कि रेलवे बोर्ड अब प्रीमियम ट्रेनों के लिए रिफंड के नियमों को थोड़ा कड़ा करने जा रहा है। अब तक वंदे भारत या दूसरी हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए वही पुराने नियम लागू होते थे, जो हमारी साधारण एक्सप्रेस या मेल ट्रेनों के लिए थे। लेकिन अब सरकार का सोचना थोड़ा अलग है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत जैसी ट्रेनें स्पेशल सर्विसेज के साथ आती हैं, इसलिए इनके कैंसिलेशन नियम भी 'स्पेशल' और थोड़े सख्त होंगे।
जेब पर कैसे पड़ेगा असर?
सीधी सी बात है—अगर आप ऐन वक्त पर टिकट कैंसिल करेंगे, तो रेलवे अब आपकी जेब से ज्यादा पैसे काट सकता है। पुराने नियम के हिसाब से, चार्ट बनने से पहले या कुछ घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर एक तय राशि कटती थी। मगर नए ड्राफ्ट के मुताबिक, इन लग्जरी ट्रेनों में सीट खाली जाने के नुकसान की भरपाई यात्री के रिफंड से ही करने की तैयारी है। यानी अब आपको 'कन्फर्म टिकट' कैंसिल करने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा।
ऐसा क्यों किया जा रहा है?
अक्सर लोग क्या करते हैं कि पहले से कई टिकटें बुक कर लेते हैं और बाद में उन्हें कैंसिल कर देते हैं। इससे उन लोगों को नुकसान होता है जिन्हें वाकई यात्रा करनी है और वेटिंग लिस्ट में बैठे रहते हैं। रेलवे का मानना है कि वंदे भारत स्लीपर जैसी हाई-डिमांड ट्रेनों में केवल वही लोग बुकिंग करें जो सच में सफर करना चाहते हैं। कड़े नियम लागू होने से फालतू की बुकिंग कम होगी और जो वाकई मुसाफिर हैं, उन्हें आसानी से कन्फर्म सीट मिल पाएगी।
अभी क्या करना चाहिए?
फिलहाल रेलवे इस पर अंतिम मुहर लगा रहा है। हमारी सलाह बस यही है कि इन प्रीमियम ट्रेनों में अपनी ट्रिप तभी प्लान करें जब आप पूरी तरह श्योर हों। रिफंड में कटौती का मतलब है कि आपके मेहनत के पैसों का नुकसान। इसलिए 'ट्रायल' के तौर पर टिकट बुक करने का जमाना अब जाने वाला है।
भारतीय रेलवे अब अपनी इन प्रीमियम ट्रेनों को हवाई जहाज वाली सुविधा की तर्ज पर ले जाना चाहती है, और शायद भविष्य में इनके रिफंड रूल्स भी फ्लाइट टिकट जैसे ही सख्त देखने को मिलें।