पूरी दुनिया अब भारत की चुनाव तकनीक की कायल, जानें क्या है दिल्ली डिक्लेरेशन जिस पर 40 देशों ने लगाई मुहर

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News India Live, Digital Desk : आजकल हम अक्सर सुनते हैं कि चुनाव के वक्त सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की बाढ़ आ गई है या तकनीक के जरिए वोटर्स को गुमराह किया जा रहा है। सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया इस वक्त इन्ही चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने एक ऐसी पहल की है, जिसकी चर्चा अब सात समुंदर पार भी हो रही है।

हाल ही में दिल्ली में एक बड़ा जमावड़ा हुआ, जहाँ दुनिया के 40 से ज्यादा देशों ने मिलकर 'दिल्ली घोषणापत्र' (Delhi Declaration) पर सहमति जताई। लेकिन सवाल यह है कि इस भारी-भरकम शब्द के पीछे की असली बात क्या है?

फेक न्यूज और एआई के खतरे पर लगाम
आज का दौर डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। तकनीक अच्छी है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल चुनाव के दौरान गलत जानकारी फैलाने के लिए किया जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बन जाता है। दिल्ली डिक्लेरेशन की सबसे अहम बात यही है—दुनियाभर की संस्थाएं अब तकनीक का सही इस्तेमाल करने और चुनाव के दौरान झूठ (Misinformation) को रोकने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करेंगी।

भारत बना दुनिया का मार्गदर्शक
पूरी दुनिया जानती है कि भारत जैसे विशाल और विविधता भरे देश में चुनाव कराना कितना मुश्किल काम है। फिर भी भारत जिस तरह से तकनीक का इस्तेमाल कर पारदर्शिता बनाए रखता है, वो हैरान करने वाला है। यही वजह है कि 40 से अधिक देशों ने भारतीय चुनाव आयोग की लीडरशिप में इस रोडमैप को स्वीकार किया है। वे चाहते हैं कि उनके यहाँ भी मतदान इतना ही आसान और भरोसेमंद हो।

ये समझौता क्यों खास है?
आमतौर पर ऐसी बैठकें होती हैं और कागज़ों तक सिमट कर रह जाती हैं। लेकिन दिल्ली डिक्लेरेशन खास इसलिए है क्योंकि इसमें सीधे उन समस्याओं की बात की गई है जो हम आप रोजाना अपने मोबाइल स्क्रीन पर महसूस करते हैं। इसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष वोटिंग कराने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं, जिन्हें ये 40 देश मिलकर अपने यहाँ लागू करने की कोशिश करेंगे।

सीधे शब्दों में कहें तो, चुनाव अब सिर्फ मशीनें लगवाने तक सीमित नहीं रह गया है। यह डेटा की सुरक्षा, टेक्नोलॉजी के सही उपयोग और जनता के भरोसे को बचाने की लड़ाई बन गया है। दिल्ली से निकला यह पैगाम बता रहा है कि भविष्य में वोटिंग का अनुभव पहले से ज्यादा सुरक्षित और तकनीक-फ्रेंडली होगा।