Yamuna Expressway पर बदलने वाला है स्पीड का खेल! अब 100 की नहीं, इस स्पीड से चलाना होगी गाड़ी, नहीं तो कटेगा भारी चालान

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अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और अक्सर यमुना एक्सप्रेसवे या नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. सर्दियों के घने कोहरे और हादसों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, सरकार ने इन दोनों एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट को कम करने का बड़ा फैसला लिया है. यह नया नियम 15 दिसंबर से लागू हो जाएगा.

अब अगर आपने अपनी गाड़ी की रफ्तार पर लगाम नहीं लगाई, तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. सरकार का यह कदम सर्दियों में कम विजिबिलिटी और फिसलन भरी सड़कों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है.

कितनी कम हो जाएगी स्पीड लिमिट?

नए नियमों के तहत, दोनों एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट में बड़ी कटौती की गई है:

  • यमुना एक्सप्रेसवे पर:
    • हल्के वाहन (कार, बाइक): अब 100 km/h की जगह सिर्फ 75 km/h की स्पीड से चल सकेंगे.
    • भारी वाहन (बस, ट्रक): अब 80 km/h की जगह सिर्फ 60 km/h की स्पीड से चल सकेंगे.
  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर:
    • हल्के वाहन: स्पीड लिमिट 100 km/h से घटाकर 75 km/h कर दी गई है.
    • भारी वाहन: स्पीड लिमिट 80 km/h से घटाकर 50 km/h कर दी गई है.

यह घटी हुई स्पीड लिमिट आमतौर पर 15 दिसंबर से अगले दो महीने (लगभग 15 फरवरी तक) लागू रहेगी.

कमर्शियल गाड़ियों के लिए नियम और भी सख्त

पुलिस ने व्यावसायिक यानी कमर्शियल वाहनों के लिए कुछ खास और कड़े निर्देश भी जारी किए हैं:

  • उन्हें नई गति सीमा का सख्ती से पालन करना होगा, वरना गाड़ी जब्त करने जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है.
  • सभी व्यावसायिक वाहनों को रिफ्लेक्टर टेप लगाना अनिवार्य है.
  • बिना रिफ्लेक्टर वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे पर घुसने ही नहीं दिया जाएगा.

कितना कटेगा चालान?

उत्तर प्रदेश में अब ओवरस्पीडिंग पर सख्ती से निपटा जा रहा है.

  • पहली बार नियम तोड़ने पर ₹1,000 का जुर्माना है.
  • यही गलती दोबारा करने पर जुर्माना बढ़कर ₹2,000 हो जाता है.

एक और जरूरी बात, नोएडा और लखनऊ में अब अत्याधुनिक स्पीड ट्रैप कैमरे लगे हैं, जो न सिर्फ एक जगह पर आपकी स्पीड मापते हैं, बल्कि पूरी दूरी के दौरान आपकी औसत स्पीड भी रिकॉर्ड करते हैं. ये कैमरे सीधे आपकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन डेटा से जुड़े होते हैं. इसलिए, अगर आप चालान भरने में देरी करते हैं, तो आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल और दूसरे डॉक्यूमेंट्स के अपडेट में भी दिक्कत आ सकती है.

इसलिए, अगली बार जब भी इन एक्सप्रेसवे पर निकलें, तो अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए स्पीड का मीटर जरूर चेक कर लें.