मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट पाकिस्तान की मध्यस्थता फेल, ट्रंप की ईरान को पत्थर युग में भेजने की खुली धमकी
News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (West Asia) में शांति की आखिरी उम्मीदें भी टूटती नजर आ रही हैं। पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (Ceasefire) कराने की तमाम कोशिशें पूरी तरह विफल हो गई हैं। शुक्रवार को आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच होने वाली बैक-चैनल वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को लेकर अब तक का सबसे आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो उसे ऐसी तबाही का सामना करना पड़ेगा जिसे दुनिया दशकों तक याद रखेगी।
पाकिस्तान का 'शांति मिशन' नाकाम, डेडलॉक बरकरार
पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था। इस्लामाबाद ने अमेरिका के 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को तेहरान तक पहुँचाया था, लेकिन ईरान ने इसे 'एकतरफा और अपमानजनक' करार देते हुए खारिज कर दिया। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी सेनाएं इस क्षेत्र से नहीं हटाता और प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म नहीं करता, तब तक कोई भी बातचीत संभव नहीं है। इस कड़े रुख के बाद पाकिस्तान के नेतृत्व वाली यह कूटनीतिक कोशिश अब 'डेड एंड' (Dead End) पर पहुंच गई है।
ट्रंप की भयानक धमकी: "ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे"
वार्ता विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाने की सीधी धमकी दी। ट्रंप ने कहा, "ईरान एक खतरनाक खेल खेल रहा है। हमने उन्हें शांति का रास्ता दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा है। हम ईरान को 'पत्थर युग' (Stone Age) में वापस भेजने की ताकत रखते हैं और अगले दो से तीन हफ्तों में कार्रवाई बेहद सख्त होगी।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की हिमाकत की, तो उसे बलपूर्वक खोला जाएगा।
ईरान का पलटवार: "अमेरिका को भुगतने होंगे गंभीर परिणाम"
ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी तीखे तेवर दिखाए हैं। ईरानी सैन्य कमान ने कहा है कि उनकी मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी ठिकानों को तबाह करने के लिए तैयार हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी धरती पर एक भी हमला हुआ, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी बेस और सहयोगी देशों के तेल संयंत्रों को 'धुआं-धुआं' कर देगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के उस दावे को भी 'झूठा और निराधार' बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान युद्धविराम की भीख मांग रहा है।
दुनिया भर में हड़कंप, आसमान छू रही तेल की कीमतें
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। भारत समेत कई एशियाई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ घंटों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह संघर्ष एक पूर्ण 'महायुद्ध' में तब्दील हो सकता है, जिसकी चपेट में आधा दर्जन से ज्यादा देश आ सकते हैं।