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April 04 2026 09:32 pm

कराची में फिर बर्बरता 89 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण की मूर्तियां खंडित, पाकिस्तान में सहमे हिंदू

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News India Live, Digital Desk: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची से मानवता और धार्मिक सौहार्द को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां की एक प्रतिष्ठित ऐतिहासिक इमारत 'सगन मेसन' (Sagan Mansion) में उपद्रवियों ने घुसकर भगवान कृष्ण और गोपियों की पवित्र मूर्तियों को खंडित कर दिया। 1937 में निर्मित इस स्वतंत्रता-पूर्व काल की इमारत में हुई इस तोड़फोड़ ने पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। हिंदू कार्यकर्ताओं ने इस घटना को पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला करार दिया है।

सगन मेसन भवन में आधी रात को तांडव, ऐतिहासिक धरोहर को पहुंचा नुकसान

पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष और प्रमुख हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता शिव कच्छी ने इस घटना की जानकारी देते हुए गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि यह शर्मनाक कृत्य दो दिन पहले अंजाम दिया गया था। हमलावरों ने ऐतिहासिक सगन मेसन भवन के भीतर मौजूद बहुमूल्य मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाया। कच्छी ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा, "यह केवल एक भौतिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के धार्मिक सद्भाव और हमारे समुदाय की भावनाओं पर किया गया प्रहार है।"

1937 की विरासत पर हमला: क्या सुरक्षित है हिंदुओं का इतिहास?

सगन मेसन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि अविभाजित भारत के इतिहास का एक जीवित साक्ष्य है। इसका निर्माण वर्ष 1937 में हुआ था और तब से यह हिंदू समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र रही है। यहां रखी गई मूर्तियां और धार्मिक चिह्न प्राचीन कला और संस्कृति का बेजोड़ नमूना हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसी ऐतिहासिक इमारतों को निशाना बनाना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अस्तित्व और उनके इतिहास को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

हिंदू समुदाय की मांग: दोषियों को मिले कड़ी सजा और हो जीर्णोद्धार

इस घटना के बाद कराची के हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश है। शिव कच्छी और अन्य सामाजिक संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा, "दोषियों को बिना किसी विलंब के गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए जो दूसरों के लिए नजीर बने।" इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस ऐतिहासिक इमारत का तत्काल जीर्णोद्धार (Renovation) किया जाए और इसके संरक्षण के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, भारत ने उठाए तीखे सवाल

पाकिस्तान में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमलों का यह कोई पहला मामला नहीं है। सिंध प्रांत से लेकर खैबर पख्तूनख्वा तक, आए दिन अल्पसंख्यकों की आस्था को चोट पहुंचाई जाती है। भारत ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को बार-बार घेरा है। भारतीय कूटनीतिज्ञों ने वैश्विक समुदाय के सामने साक्ष्यों के साथ पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और धार्मिक असहिष्णुता को बेनकाब किया है। इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान की 'अल्पसंख्यक सुरक्षा' के दावों की पोल खुल गई है।