मिडिल ईस्ट में कोहराम ईरान ने मार गिराया एक और अमेरिकी विमान A-10 थंडरबोल्ट, ट्रंप बोले हाँ, हम युद्ध में हैं
News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया के आसमान में बारूद की गंध अब और जानलेवा हो गई है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के पास ईरान ने अमेरिका को एक और जख्म दिया है। शुक्रवार को ईरानी सेना ने अमेरिकी वायुसेना के 'टैंक किलर' कहे जाने वाले A-10 थंडरबोल्ट (Thunderbolt II) विमान को मार गिराया। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा बड़ा मौका है जब ईरान ने अमेरिकी सैन्य ताकत को सीधी चुनौती दी है। इससे पहले ईरान एक F-15 फाइटर जेट को भी मलबे में तब्दील कर चुका है।
कुवैत की सीमा में गिरा विमान, पायलट ने कूदकर बचाई जान
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान पर हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुआ। हमले के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को कुवैती हवाई क्षेत्र की ओर मोड़ा और वहां सुरक्षित इजेक्शन (विमान से बाहर निकलना) करने में सफल रहा। विमान कुवैत की सीमा के भीतर क्रैश हुआ है, जबकि पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। ईरानी सेना ने 'अल जजीरा' के माध्यम से इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है, जो राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों को झुठलाता है जिसमें उन्होंने ईरान के पूरी तरह तबाह होने की बात कही थी।
बचाव अभियान पर भी हमला: ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर बने निशाना
ईरान की आक्रामकता यहीं नहीं रुकी। जब अमेरिकी सेना अपने लापता चालक दल के सदस्यों के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही थी, तब ईरान ने बचाव कार्य में जुटे दो UH-60 ब्लैकहॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया। इस हमले में कुछ अमेरिकी सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर सभी को सुरक्षित बताया गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों गिरे F-15 जेट के दो क्रू मेंबर्स में से अब तक केवल एक को ही रेस्क्यू किया जा सका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: "यह कोई कूटनीति नहीं, यह सीधा युद्ध है"
विमानों के लगातार गिरते मलबे के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में कड़ा रुख अपनाया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इन घटनाओं के बाद ईरान के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश बची है, तो ट्रंप ने दोटूक कहा "नहीं, बिल्कुल नहीं। यह युद्ध है। हम एक युद्ध की स्थिति में हैं और अब जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा।" ट्रंप के इस बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब बड़े सैन्य पलटवार की तैयारी कर चुका है।
भारत के लिए बढ़ी टेंशन: LPG और तेल की सप्लाई पर मंडराया खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जारी इस भीषण संघर्ष ने भारत की नींद उड़ा दी है। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। भारत अपनी एलपीजी (LPG) और पेट्रोलियम जरूरतों के लिए इस मार्ग पर पूरी तरह निर्भर है। युद्ध के कारण इस मार्ग के बंद होने या जहाजों पर हमलों की आशंका से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा हो गई है। अगर यह तनाव कम नहीं हुआ, तो भारत में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।