सिर्फ ड्राइविंग और रिलैक्स, लॉन्ग ड्राइव के शौकीनों के लिए 5 घंटे से कम वाली सबसे हसीन जगहें
News India Live, Digital Desk: लंबे वीकेंड का नाम सुनते ही सबसे पहला ख्याल पहाड़ों या समंदर का आता है। लेकिन सच्चाई तो यह है कि आधी छुट्टियां तो आने-जाने की तैयारी और ट्रैवलिंग में ही निकल जाती हैं। तो क्यों न इस बार कुछ ऐसा प्लान किया जाए कि आप घर से ब्रेकफास्ट करके निकलें और लंच तक एक बिल्कुल नई और खूबसूरत जगह पर हों?
अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो नीमराना (Neemrana) का किला या फिर भरतपुर (Bharatpur) की शांति आपके लिए परफेक्ट है। यहाँ आप 4-5 घंटे में पहुँच सकते हैं और रात को आराम से राजसी ठाठ का मज़ा ले सकते हैं। अगर थोड़ा और ऊपर की तरफ जाना हो, तो लैंसडाउन (Lansdowne) की ठंडी हवाएं और चीड़ के जंगल आपको शहर की तपिश से कोसों दूर ले जाएंगे।
वहीं, अगर आप मुंबई या पुणे की भागदौड़ में फँसे हैं, तो माथेरान (Matheran) या कामशेत (Kamshet) की वादियों को कौन भूल सकता है? गाड़ी की खिड़की नीचे करें, हल्का म्यूजिक चलाएं और सिर्फ कुछ ही घंटों में आप उन हसीन मोड़ पर होंगे जहाँ सिर्फ ताज़ी हवा और सुकून है।
दक्षिण भारत में बेंगलुरु के लोगों के लिए मैसूर (Mysore) या सकलेशपुर (Sakleshpur) जैसे ठिकाने एक जादुई दुनिया की तरह हैं। शहर की ट्रैफिक से जैसे ही आप हाईवे पर चढ़ेंगे, सड़कों के दोनों तरफ हरियाली आपका स्वागत करेगी।
सबसे बड़ी बात, इन छोटी रोड ट्रिप्स का मज़ा यह है कि आप अपने हिसाब से कभी भी रुक सकते हैं, किसी ढाबे पर गरमा-गरम चाय और पराठे का स्वाद ले सकते हैं और फोटोग्राफी भी कर सकते हैं। ज़रूरी नहीं कि मंज़िल बहुत बड़ी हो, कभी-कभी बस ये 4-5 घंटे का सफ़र ही आपके मन को वो 'पॉज़' बटन दे देता है जिसकी उसे सख्त ज़रूरत है।
तो इस आने वाले वीकेंड पर क्या सोचा है? अपनी गाड़ी की सर्विस करवाएं, अपनी पसंद का 'ट्रैवल प्लेलिस्ट' तैयार करें और बस निकल पड़ें। याद रखिये, कभी-कभी गाड़ी की पिछली सीट पर बैठने से बेहतर स्टीयरिंग पकड़कर अनजान रास्तों पर निकलना ज्यादा रिफ्रेशिंग होता है।