नए साल का सबसे 'शुभ' दिन! शिव जी और विष्णु जी, दोनों की कृपा एक साथ पाने का ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा
नए साल 2026 की शुरुआत ही भगवान के आशीर्वाद के साथ हो रही है! साल का पहला दिन, यानी 1 जनवरी, एक ऐसे दुर्लभ और महा-शुभ संयोग के साथ आ रहा है, जो सालों में एक बार बनता है। इस दिन गुरु प्रदोष व्रत है।
यह कोई मामूली दिन नहीं है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि यह दिन इतना खास क्यों है और आप कैसे इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु, दोनों की कृपा एक साथ पा सकते हैं।
तो आखिर क्या है यह 'हरि-हर' मिलन का महा-संयोग?
- प्रदोष व्रत: यह व्रत हर महीने भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी पूरी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा करता है, उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति आती है।
- गुरुवार का दिन: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु (श्री हरि) का दिन माना जाता है।
- महा-संयोग: जब प्रदोष व्रत गुरुवार को पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष कहते हैं। और इस बार नए साल का पहला ही दिन गुरु प्रदोष है, जिसका मतलब है कि आपको भगवान शिव (हर) और भगवान विष्णु (हरि), दोनों का आशीर्वाद एक ही दिन मिल सकता है।
गुरु प्रदोष व्रत 2026: शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय
- व्रत की तारीख: 1 जनवरी 2026, गुरुवार
- पूजा का सबसे शुभ समय (प्रदोष काल): प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम के समय, सूर्यास्त के बाद की जाती है। माना जाता है कि इस समय भगवान शिव कैलाश पर प्रसन्न होकर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।
इस दिन जरूर करें ये 5 काम, खुल जाएगी किस्मत!
- प्रदोष काल में पूजा: दिन भर व्रत रखने के बाद, शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा जरूर करें।
- पंचामृत अभिषेक: शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर 'पंचामृत' से अभिषेक करें।
- पीली चीजों का दान: क्योंकि आज गुरुवार भी है, इसलिए किसी गरीब या जरूरतमंद को चने की दाल या पीले फल दान करें। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है।
- व्रत कथा सुनें: पूजा के बाद गुरु प्रदोष व्रत की कथा जरूर सुनें या पढ़ें।
- बड़ों का आशीर्वाद लें: इस दिन घर के बड़ों का सम्मान करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।
और भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
- तामसिक भोजन से दूरी: साल के इस पहले और पवित्र दिन, घर में प्याज-लहसुन, मांस-मदिरा जैसा कुछ भी न बनाएं, न खाएं।
- लड़ाई-झगड़ा: महादेव को शांति प्रिय है। आज घर में किसी से भी लड़ाई-झगड़ा न करें।
- देर तक सोना: नए साल की पहली सुबह देर तक सोकर न गवाएं। सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करके भगवान का ध्यान करें।
- पूजा में वर्जित चीजें: भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी केतकी का फूल, सिंदूर या तुलसी दल न चढ़ाएं।
- काले कपड़े न पहनें: आज पूजा करते समय काले रंग के कपड़े पहनने से बचें। पीले या सफेद वस्त्र पहनना सबसे शुभ होता है।
नए साल की ऐसी पवित्र शुरुआत आपके पूरे साल को खुशियों और आशीर्वाद से भर सकती है।