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April 11 2026 04:11 am

चारधाम यात्रा 2026: 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा, हाईटेक चेक पोस्ट और ANPR कैमरों से होगी निगरानी; जानें परिवहन विभाग की नई तैयारी

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देहरादून: उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही 19 अप्रैल से विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है। इस वर्ष यात्रा को अत्यधिक सुरक्षित और तकनीक-आधारित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने अपनी कमर कस ली है। यात्रियों की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विभाग ने हाईटेक चेक पोस्ट से लेकर रेस्ट प्वाइंट्स तक की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

16 अप्रैल से सक्रिय होंगे हाईटेक चेक पोस्ट

यात्रा औपचारिक रूप से शुरू होने से तीन दिन पहले, यानी 16 अप्रैल से राज्य के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर हाईटेक चेक पोस्ट सक्रिय कर दिए जाएंगे।

चेक पोस्ट के स्थान: आशारोड़ी, कटापत्थर, कुठालगेट, हरबर्टपुर, ऋषिकेश, तपोवन, सत्यनारायण मंदिर, भद्रकाली और सोनप्रयाग।

प्रमुख कार्य: इन पोस्टों पर वाहनों के ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की सघन जांच होगी।

डिजिटल कनेक्टिविटी: सभी चेक पोस्ट वाईफाई सुविधा से लैस रहेंगे ताकि डेटा का रियल-टाइम अपडेट मुख्यालय को मिल सके।

ANPR कैमरों से 'तीसरी आंख' की नजर

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भद्रकाली, तपोवन, कटापत्थर और नारसन बॉर्डर पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं।

इन कैमरों के जरिए गुजरने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट ट्रैक की जाएगी।

इसकी सीधी निगरानी देहरादून स्थित परिवहन मुख्यालय से की जाएगी, जिससे किसी भी संदिग्ध वाहन या यातायात उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

यात्रियों और चालकों के लिए विशेष सुविधाएं

परिवहन विभाग ने इस बार लंबी दूरी तय करके आने वाले चालकों और यात्रियों के आराम का भी ख्याल रखा है:

रेस्ट प्वाइंट्स: आशारोड़ी और नारसन बॉर्डर पर चालकों के लिए रेस्ट प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं, जहाँ बेड और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।

कंट्रोल रूम: ऋषिकेश को यात्रा का मुख्य केंद्र बनाया गया है। यहाँ एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

टोल फ्री नंबर: किसी भी समस्या या जानकारी के लिए यात्री 0135-2743432 पर संपर्क कर सकते हैं।

ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में तेजी

यात्रा नोडल अधिकारी व आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि 30 मार्च से शुरू हुई प्रक्रिया के तहत अब तक 1500 से अधिक ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अब यह सुविधा हरिद्वार के साथ-साथ रुड़की और आशारोड़ी में भी उपलब्ध है।

जाम से मुक्ति की रणनीति

यातायात के दबाव को कम करने के लिए हरबर्टपुर बस अड्डे और ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप पर ही बसों की प्रारंभिक जांच कर ली जाएगी। इससे आगे चलकर भद्रकाली और तपोवन जैसे संवेदनशील रास्तों पर वाहनों का जमावड़ा नहीं होगा और यात्रा सुचारू रूप से चलती रहेगी।