पौष पूर्णिमा का महास्नान प्रयागराज में जनसैलाब देख झुक गया नतमस्तक, शुरू हुई एक महीने की तपस्या
News India Live, Digital Desk : आज (3 जनवरी) प्रयागराज का नजारा देखने लायक है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और घने कोहरे के बीच भी अगर कहीं गर्मी और जोश दिख रहा है, तो वह त्रिवेणी संगम के तट पर है। आज 'पौष पूर्णिमा' है और इसी के साथ विश्व प्रसिद्ध माघ मेले का पहला स्नान पर्व शुरू हो गया है।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त (भोर) से ही लाखों श्रद्धालु "हर-हर गंगे" और "हर-हर महादेव" का जयघोष करते हुए गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो पूरा भारत प्रयागराज की रेती पर उतर आया हो।
सीएम योगी की नजर, प्रशासन अलर्ट
इस बार मेले की भव्यता और सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल अलग लेवल पर है। खुद सूबे के मुखिया, सीएम योगी आदित्यनाथ इस पूरे आयोजन पर नजर बनाए हुए हैं। खबरों के मुताबिक, सीएम योगी ने मेले की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया है। उनकी कोशिश है कि दूर-दूर से आने वाले किसी भी भक्त को कोई तकलीफ न हो। घाटों की सफाई से लेकर सुरक्षा तक, सब कुछ चकाचक है।
आज से शुरू हुआ 'कल्पवास'
माघ मेले की सबसे खास बात जानते हैं क्या है? वो है 'कल्पवास'। आज से हजारों-लाखों श्रद्धालु (जिन्हें कल्पवासी कहा जाता है) अपना घर-बार, सुख-सुविधाएं छोड़कर अगले एक महीने के लिए यहीं गंगा किनारे तंबुओं में रहेंगे। वे ज़मीन पर सोएंगे, एक टाइम खाना खाएंगे और दिन-रात भजन-कीर्तन करेंगे। कल्पवास को शरीर और आत्मा की शुद्धि का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है। आज से इन तपस्वियों का कठिन व्रत शुरू हो चुका है।
ठंड को दी मात
सुबह के वक्त विजिबिलिटी बहुत कम थी, लेकिन आस्था के आगे मौसम भी हार गया। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे हर कोई डुबकी लगाने के लिए उत्साहित दिखा। प्रशासन ने घाटों पर पुआल (Straw) बिछाई है और चेंजिंग रूम बनाए हैं ताकि ठंड से थोड़ी राहत मिल सके।
सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर न मार सके
भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर लगाए गए हैं। मेला क्षेत्र किसी अभेद्य किले से कम नहीं लग रहा। यह सब इसलिए किया गया है ताकि भक्त सुकून से पूजा-पाठ कर सकें।
अगर आप भी प्रयागराज जाने की सोच रहे हैं, तो इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा। वहां की ऊर्जा आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।