फ्री में AI एडिटिंग का मज़ा अब खत्म? Grok की विवादित तस्वीरों के बाद मस्क ने लगा दी भारी पाबंदी
News India Live, Digital Desk: आजकल एआई (AI) का ज़माना है, और जहाँ एआई हो, वहाँ मज़ा और मज़ाक दोनों चलते हैं। लेकिन सोचिए क्या हो, अगर अरबपति एलन मस्क का खुद का एआई यानी 'ग्रोक' (Grok), उन्हीं की ऐसी-वैसी तस्वीरें बनाने लगे जिन्हें देख कर खुद मस्क को नियम बदलने पड़ें? जी हाँ, कुछ ऐसा ही अजीबोगरीब मामला एक्स (ट्विटर) पर देखने को मिला है।
क्या था पूरा मामला?
हुआ यह कि पिछले कुछ दिनों से एक्स पर एलन मस्क की अजीबोगरीब तस्वीरें वायरल हो रही थीं। इन फोटो में मस्क बिकिनी पहने हुए और अजीब हरकतों में नज़र आ रहे थे। ये तस्वीरें किसी फोटोशॉप एक्सपर्ट ने नहीं, बल्कि मस्क के ही एआई 'Grok' के एडिटिंग फ़ीचर का इस्तेमाल करके बनाई गई थीं। देखते ही देखते ये 'बिकिनी फोटोज' सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगीं। कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ़ मज़ाक था, लेकिन मस्क और उनकी टीम के लिए यह सुरक्षा और एथिक्स का एक बड़ा सवाल बन गया।
मस्क का एक्शन—अब पैसे देने होंगे!
एलन मस्क को ये बात रास नहीं आई कि उनके ही प्लेटफॉर्म पर उनके ही औज़ार का इस्तेमाल लोग उन्हीं की (या दूसरों की) साख बिगाड़ने के लिए कर रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि बिना किसी बड़ी घोषणा के, चुपचाप ग्रोक की इमेज एडिटिंग की ताकत पर लगाम लगा दी गई। अब ग्रोक के ज़रिए एआई इमेज एडिट करने का ऑप्शन सिर्फ़ 'वेरिफाइड' (Verified) यानी एक्स प्रीमियम यूज़र्स तक ही सीमित कर दिया गया है। आसान भाषा में कहें तो, अगर अब आपको एआई के साथ खुराफ़ात करनी है, तो जेब ढीली करनी पड़ेगी।
सिर्फ़ मज़ाक या प्राइवेसी का खतरा?
जानकारों का मानना है कि यह पाबंदी सिर्फ़ पैसों के लिए नहीं है। असल समस्या यह है कि बिना किसी फिल्टर के एआई किसी की भी 'डीपफेक' तस्वीरें बना सकता है, जिससे किसी की गरिमा को चोट पहुँच सकती है। पहले ग्रोक अपने बिंदास और बेबाक स्वभाव के लिए चर्चा में था, लेकिन इस 'बिकिनी फोटो विवाद' ने मस्क को मजबूर कर दिया कि वे एआई की आज़ादी और ज़िम्मेदारी के बीच एक लकीर खींचें।