आखिर TRAI का हंटर चल ही गया, क्या अब हमें मिलेगी स्पैम कॉल्स से आजादी? जानें पूरी बात
News India Live, Digital Desk : हम और आप, दिन भर में कम से कम 10-12 ऐसे कॉल और मैसेज तो ज़रूर झेलते हैं जिन्हें हम कभी चाहते ही नहीं थे। कभी कोई लोन बेच रहा होता है, तो कभी कोई इंश्योरेंस के पीछे पड़ा रहता है। फोन काटते रहिए, लेकिन ये स्पैम कॉल्स रुकने का नाम नहीं लेते। लेकिन इस बार दूरसंचार नियामक 'ट्राई' (TRAI) ने उन कंपनियों की नींद उड़ा दी है जो इन कॉल्स को रोकने में ढीली पड़ रही थीं।
पूरा मामला क्या है?
अभी हाल ही में खबर आई है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश की तीन सबसे बड़ी कंपनियों—रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vi) पर कुल मिलाकर लगभग 150 करोड़ रुपये का तगड़ा जुर्माना लगाया है।
अब आप सोचेंगे कि जुर्माना क्यों? असल में ट्राई ने पहले भी चेतावनी दी थी कि कंपनियों को अपने सिस्टम ऐसे बनाने चाहिए कि ग्राहकों के पास बिना मर्ज़ी वाले प्रमोशनल कॉल और मैसेज न आएं। लेकिन जब सख्ती से जांच हुई, तो पता चला कि नियम कागज़ों पर तो हैं पर असर फोन की घंटी में नज़र नहीं आ रहा।
150 करोड़ की ये चपत क्यों ज़रूरी थी?
आम आदमी का डेटा आज की तारीख में हर जगह घूम रहा है। कंपनियां दावा तो बहुत करती हैं कि आपका डेटा सुरक्षित है, लेकिन फिर भी हमारे पास अनजाने नंबरों से कॉल्स आ जाते हैं। ट्राई का मानना है कि टेलीकॉम कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे 'फर्जी रजिस्ट्रेशन' और 'अनलॉफुल मार्केटिंग' पर लगाम लगाएं। ये 150 करोड़ का जुर्माना इसी बात का संकेत है कि अब "कोशिश कर रहे हैं" वाला बहाना नहीं चलेगा।
कंपनियों के सामने क्या चुनौती है?
जिओ और एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों का तर्क अक्सर यह रहता है कि स्पैमर्स अब नए-नए तरीके निकाल लेते हैं, कभी सामान्य 10 अंकों वाले नंबर का इस्तेमाल करते हैं तो कभी किसी दूसरे देश के सर्वर से कॉल घुमाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर टेक्नोलॉजी के ज़रिए इंटरनेट और डेटा बेचा जा सकता है, तो उन्हीं टूल्स से फिल्टर क्यों नहीं लगाए जा सकते?
आगे क्या होगा?
देखा जाए तो 150 करोड़ रुपये इन दिग्गज कंपनियों के लिए बहुत बड़ी रकम शायद न हो, लेकिन उनकी 'ब्रैंड इमेज' के लिए यह एक कड़ा मैसेज है। ट्राई ने साफ़ कर दिया है कि अगर ग्राहक खुश नहीं है, तो जवाबदेही ऑपरेटर की ही होगी।
हम उम्मीद कर सकते हैं कि इस भारी-भरकम जुर्माने के बाद शायद अगली बार 'अननोन नंबर' से कॉल आने पर हम ये न कहें कि यार, ये फिर कोई स्पैम होगा।" अपनी प्राइवेसी के लिए लड़ना हमारा हक़ है, और सरकार की इस सख्ती ने उसे और मज़बूत किया है।