Telangana Election Drama : वोट नहीं तो कुकर भी नहीं तेलंगाना में चुनाव हारते ही उम्मीदवारों ने शुरू की वसूली
News India Live, Digital Desk: तेलंगाना में नगर निकाय चुनाव (Municipal Polls 2026) के नतीजे आते ही एक नया और शर्मनाक विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव प्रचार के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए बांटे गए कैश और सामान अब हारने वाले उम्मीदवारों के लिए 'सिरदर्द' बन गए हैं। खबर है कि कई इलाकों में कांग्रेस और अन्य दलों के पराजित उम्मीदवार अब उन वोटरों के दरवाजे खटखटा रहे हैं जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, और अपना सामान वापस मांग रहे हैं।
1. "कसम खाओ कि हमें वोट दिया था" (The Loyalty Test)
महबूबाबाद और नलगोंडा जिले के कुछ गांवों (जैसे सोबला थंडा) से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहाँ हारने वाले उम्मीदवारों के परिजन ग्रामीणों के घर पहुँच रहे हैं।
भगवान की कसम: आरोपी उम्मीदवारों के समर्थक ग्रामीणों से उनके 'कुल देवता' या धार्मिक झंडे पर हाथ रखकर कसम खिला रहे हैं कि उन्होंने किसे वोट दिया।
रिटर्न गिफ्ट: जिन लोगों ने कसम खाने से मना किया या यह स्वीकार किया कि उन्होंने किसी और को वोट दिया है, उनसे बांटे गए ₹1500 नगद, प्रेशर कुकर और यहाँ तक कि चिकन के पैसे भी वापस मांगे जा रहे हैं।
2. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल (Viral Controversy)
इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहे हैं। एक वीडियो में एक उम्मीदवार का पति ग्रामीणों से बहस करते हुए कह रहा है, "हमने तुम्हें पैसे और कुकर इसलिए दिए थे ताकि तुम हमें जिताओ। जब तुमने वोट ही नहीं दिया, तो हमारा सामान रखने का तुम्हें कोई हक नहीं है।"
3. चुनाव आयोग और पुलिस की नजर
इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है:
आदर्श आचार संहिता: वोट के बदले नोट या सामान देना पहले से ही अपराध है। अब सरेआम वसूली करने से इन उम्मीदवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
पुलिस की चेतावनी: तेलंगाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ग्रामीण को डराने-धमकाने या जबरन वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
4. जनता का आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि यह लोकतंत्र का अपमान है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि उम्मीदवारों ने अपनी मर्जी से सामान बांटा था, और अब हार के बाद इस तरह का व्यवहार उनकी हताशा को दर्शाता है।