Night Yoga Routine: बिस्तर पर जाने से पहले करें ये 8 योगासन, दिन भर की थकान होगी छूमंतर और आएगी घोड़े बेचकर वाली नींद
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। एक अच्छी और गहरी नींद शरीर की 'रिपेयरिंग' के लिए अनिवार्य है। दिन भर की मानसिक और शारीरिक थकान अक्सर हमारी मांसपेशियों को सख्त कर देती है, जिससे रात में करवटें बदलते बीत जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात में सोने से पहले किया गया हल्का योग नर्वस सिस्टम को शांत करता है और शरीर को रिकवरी मोड में ले जाता है। नाइट योग का मुख्य उद्देश्य पसीना बहाना नहीं, बल्कि शरीर को तनावमुक्त (Relax) करना है। आइए जानते हैं वे 8 आसान योगासन जो आपके 'बेडटाइम रूटीन' का हिस्सा होने चाहिए।
रात में योग करना क्यों है जरूरी?
नींद के दौरान हमारा शरीर ऊतकों (Tissues) की मरम्मत करता है और ऊर्जा को संचित करता है। यदि शरीर में तनाव बना रहे, तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। सोने से पहले स्ट्रेचिंग करने से रक्त संचार बेहतर होता है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। इससे न केवल शरीर लचीला बनता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है।
1. बालासन (Child’s Pose): पीठ और कूल्हों को दें आराम
यह आसन रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम करता है और मानसिक शांति देता है।
कैसे करें: घुटनों के बल बैठें, पीछे झुककर एड़ियों पर बैठें और आगे झुकते हुए माथा ज़मीन पर टिकाएं।
लाभ: यह कूल्हों और जांघों के तनाव को कम कर शरीर को रिलैक्स करता है।
2. पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend): पूरी पीठ के लिए जादुई खिंचाव
पूरे दिन बैठने के कारण होने वाली पीठ की अकड़न के लिए यह सबसे बेहतरीन स्ट्रेच है।
कैसे करें: पैरों को सीधा फैलाकर बैठें और धीरे-धीरे आगे झुककर पैरों के अंगूठों को छुएं।
लाभ: यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है और नर्वस सिस्टम को शांत करता है।
3. सुप्त मत्स्येन्द्रासन (Supine Twist): रीढ़ के तनाव से मुक्ति
यह आसन रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता को बढ़ाता है और पाचन में भी सहायक है।
कैसे करें: पीठ के बल लेटकर एक घुटना मोड़ें और उसे शरीर के दूसरी तरफ ले जाएं, जबकि कंधे ज़मीन से सटे हों।
4. पवनमुक्तासन (Knees-to-Chest Pose): पेट की समस्या और भारीपन दूर
यह आसन पेट के निचले हिस्से के दबाव को कम करता है और ब्लोटिंग (गैस) में राहत देता है।
कैसे करें: पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को छाती के पास लाएं और हाथों से पकड़कर हल्का दबाव दें।
5. सुप्त बद्ध कोणासन (Reclining Butterfly Pose): कूल्हों की जकड़न खत्म
घंटों बैठे रहने वालों के लिए यह आसन वरदान है।
कैसे करें: लेटे हुए अपने दोनों तलवों को आपस में मिलाएं और घुटनों को बाहर की तरफ गिरने दें।
लाभ: यह कूल्हों के 'हिप फ्लेक्सर्स' को खोलता है और गहरी शांति देता है।
6. विपरीत करणी (Legs Up the Wall): पैरों की सूजन और थकान दूर
थके हुए पैरों के लिए यह सबसे आरामदायक मुद्रा है।
कैसे करें: दीवार के सहारे अपने पैरों को सीधा ऊपर की ओर रखें और हाथों को बगल में फैला लें।
लाभ: यह रक्त प्रवाह को दिल की ओर बढ़ाता है और पैरों की सूजन कम करता है।
7. मार्जरी आसन (Cat-Cow Pose): रीढ़ की हड्डी में लचीलापन
इसे बहुत धीमी गति से करने पर यह रीढ़ के हर मनके (Vertebrae) को आराम पहुंचाता है।
कैसे करें: घुटनों और हाथों के बल 'टेबल' जैसी मुद्रा बनाएं और सांस के साथ पीठ को ऊपर-नीचे (Arch and Round) करें।
8. शवासन (Corpse Pose): अभ्यास का पूर्ण समापन
यह अंतिम मुद्रा शरीर को यह संकेत देती है कि अब विश्राम और रिकवरी का समय है।
कैसे करें: बिल्कुल सीधा लेट जाएं, शरीर को ढीला छोड़ दें और केवल अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
रात में योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
हल्का भोजन: भारी भोजन के तुरंत बाद अभ्यास न करें, कम से कम 2-3 घंटे का अंतराल रखें।
शांत माहौल: धीमी रोशनी और आरामदायक कपड़े पहनकर ही अभ्यास करें।
धीमी गति: झटके से कोई भी मुद्रा न बनाएं, पूरी सजगता के साथ धीरे-धीरे मूवमेंट्स करें।