स्मृति मंधाना रिकॉर्ड्स की नई महारानी खुद का ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ कर पूरी दुनिया को कर दिया हैरान

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News India Live, Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में अक्सर हम सुनते हैं कि किसी ने दिग्गज खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ा। लेकिन क्या कभी ऐसा सुना है कि कोई खिलाड़ी इतनी मेहनत और लय में हो कि वह बार-बार 'अपने आप' को ही चुनौती दे रहा हो? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की धड़कन और रन-मशीन स्मृति मंधाना की।

हाल ही में स्मृति ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसे देख दुनिया भर के क्रिकेट एक्सपर्ट्स सलाम कर रहे हैं। मंधाना ने महिला क्रिकेट के इतिहास में एक कैलेंडर वर्ष (एक साल) में सबसे ज्यादा रन बनाने का अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब उनके नाम वो ऐतिहासिक मुकाम जुड़ गया है जहाँ पहुँचना किसी भी क्रिकेटर का सपना होता है।

वो क्या पल था जिसने सब बदल दिया?
मैदान पर स्मृति की बल्लेबाजी देखना किसी 'शास्त्रीय संगीत' को सुनने जैसा होता है। उनके कवर ड्राइव्स और पुल शॉट्स की खूबसूरती जितनी सुकून देती है, विपक्षी टीम के गेंदबाजों के लिए वो उतनी ही डरावनी होती है। 2025 में मंधाना का बल्ला कुछ अलग ही मिजाज में बोल रहा है। चाहे टी-20 हो या वनडे, मंधाना ने हर फॉर्मेट में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हैं।

जब उन्होंने मैदान पर वो निर्णायक रन लिया जिसने उनका पिछला बेस्ट रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, तो हर भारतीय प्रशंसक का सिर गर्व से ऊँचा हो गया। ये आंकड़े केवल स्कोरबोर्ड की शोभा नहीं बढ़ाते, बल्कि ये मंधाना के पिछले एक साल के कड़े अभ्यास और क्रिकेट के प्रति उनके जूनून की कहानी सुनाते हैं।

अपनी जंग... खुद के साथ!
मंधाना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं। जब उन्होंने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, तो उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी असली प्रतिस्पर्धा किसी और से नहीं बल्कि खुद से है। भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच उन्हें प्यार से 'क्वीन ऑफ रिकॉर्ड्स' (Queen of Records) कहा जा रहा है।

अक्सर महिला क्रिकेट को पुरुष क्रिकेट के मुकाबले उतनी तवज्जो नहीं मिलती, लेकिन स्मृति मंधाना जैसी खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत से इस सोच को बदल दिया है। आज हर बच्चा, जो क्रिकेट का बल्ला थामता है, स्मृति जैसा बनना चाहता है।

अभी तो बस शुरुआत है...
जिस रफ्तार से स्मृति रन बना रही हैं, ऐसा लग रहा है कि 2025 के खत्म होते-होते ये रिकॉर्ड और भी बड़ा होने वाला है। उनके कोच और टीम के बाकी साथी बताते हैं कि मंधाना की फिटनेस और गेम के प्रति उनकी एकाग्रता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। आने वाले वर्ल्ड कप और बड़े टूर्नामेंट्स में भारत को उनसे ढेरों उम्मीदें हैं।

स्मृति मंधाना ने ये साबित कर दिया है कि अगर आपके इरादे पक्के हों और बल्ले में चमक, तो रिकॉर्ड खुद-ब-खुद आपके कदमों में गिर जाते हैं। हमारी ओर से टीम इंडिया की इस लाड़ली बेटी को ढेर सारी बधाइयां!