Skin Care in Rainy Season : मॉनसून की चिपचिपाहट और पसीने वाले रैशेज से कैसे बचें?
News India Live, Digital Desk: Skin Care in Rainy Season : बारिश का मौसम अपने साथ सुहानापन और गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन साथ ही लाता है उमस, चिपचिपाहट और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां. इन दिनों हवा में नमी इतनी ज़्यादा होती है कि पसीना आसानी से सूख नहीं पाता. नतीजा? शरीर पर लाल-लाल दाने, चकत्ते, घमौरी और लगातार होने वाली खुजली. यह समस्या सबसे ज़्यादा गर्दन, बगल (अंडरआर्म्स), कोहनी और घुटनों के पीछे वाले हिस्से में होती है.
यह देखने में जितना आम लगता है, अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह फंगल इन्फेक्शन का रूप भी ले सकता लेकिन घबराने की जरूरत नहीं ਹੈ, थोड़ी सी सावधानी और कुछ अच्छी आदतें अपनाकर आप इस समस्या से आसानी से बच सकते हैं.
मॉनसून में अपनी त्वचा का ऐसे रखें ख्याल:
- हवादार और सूती कपड़ों से दोस्ती करें: इस मौसम में टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनना अपनी त्वचा के साथ दुश्मनी करने जैसा ਹੈ. हमेशा ढीले-ढाले और कॉटन के कपड़े पहनें. इससे त्वचा तक हवा पहुंचती है और पसीना जमा नहीं होता.
- दिन में दो बार नहाने की आदत डालें: सुबह नहाने के बाद शाम को जब आप घर लौटते तो एक बार और ज़रूर नहाएं. इससे दिन भर की गंदगी और पसीना शरीर से निकल जाता है. आप नहाने के पानी में नीम की कुछ पत्तियां भी डाल सकते हैं, यह एक नैचुरल एंटी-बैक्टीरियल का काम करता
- शरीर को सूखा रखना है ज़रूरी: नहाने के बाद शरीर को तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं, खासकर उन जगहों को जहां ज़्यादा पसीना आता ਹੈ. नमी रहने से बैक्टीरिया और फंगस को पनपने का मौका मिल जाता है.
- पाउडर का सही इस्तेमाल: नहाने के बाद शरीर पर कोई अच्छा एंटी-फंगल या टैल्कम पाउडर ज़रूर लगाएं. यह अतिरिक्त नमी को सोख लेता है.और त्वचा को सूखा रखने में मदद करता है.
- हाइड्रेटेड रहें: शरीर को अंदर से साफ रखना भी उतना ही ज़रूरी है. दिन भर खूब पानी पिएं. इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा स्वस्थ रहती है.
अगर इन उपायों के बाद भी आपकी रैशेज या खुजली की समस्या ठीक नहीं हो रही है, तो बिना देरी किए किसी अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) से ज़रूर मिलें. थोड़ी सी देखभाल आपको मॉनसून का पूरा मज़ा लेने में मदद करेगी.