सिक्स्थ सेंस या कुदरत का करिश्मा? जानिए कैसे जानवरों को पहले ही दिख जाती है मौत की परछाई
News India Live, Digital Desk: हम इंसानों को अक्सर लगता है कि हम सबसे ज्यादा समझदार हैं, लेकिन कुदरत ने बेजुबान जानवरों को एक ऐसी 'छठी इंद्री' (Sixth Sense) दी है, जिसके आगे विज्ञान भी कई बार हैरान रह जाता है। आपने अक्सर अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से सुना होगा कि जानवरों को आने वाली मुसीबत या मौत का पहले ही आभास हो जाता है।
यह सुनने में थोड़ा अंधविश्वास जैसा लग सकता है, लेकिन जो लोग जानवरों के करीब रहते हैं, उन्होंने इसे महसूस किया है। कहते हैं, मौत आने के कुछ दिन पहले, करीब 7 दिन या उससे भी पहले, जानवरों का बर्ताव एकदम बदल जाता है। आइए, भावनाओं और विज्ञान के इस गहरे कनेक्शन को समझने की कोशिश करते हैं।
कुत्ते और उनकी उदास आंखें
कुत्ता इंसान का सबसे वफादार साथी होता है। एक्सपर्ट्स और डॉग ओनर्स बताते हैं कि जब किसी कुत्ते का आखिरी समय नजदीक होता है, तो वो अक्सर एकांत (Isolation) खोजने लगता है। जो कुत्ता हमेशा आपकी गोद में खेलता था, वो अचानक शांत हो जाता है।
वे खाना-पीना लगभग छोड़ देते हैं। ऐसा लगता है जैसे उन्हें पता है कि अब शरीर को ऊर्जा की जरूरत नहीं है। कई बार वे अपने मालिक को बहुत ही उदास और गहरी नजरों से देखते हैं, जैसे कि वो 'अलविदा' कह रहे हों। उनकी सांस लेने की गति बदल जाती है और वे सुस्त हो जाते हैं।
बिल्लियों का वो रहस्यमयी गायब होना
बिल्लियाँ थोड़ी अलग होती हैं। अगर आप बिल्ली पालते हैं, तो शायद आपने गौर किया हो कि बीमार या बूढ़ी बिल्ली अक्सर घर के सबसे अंधेरे कोने, बेड के नीचे या अलमारी में जाकर छिप जाती है। जंगल में यह एक सर्वाइवल इंस्टिंक्ट (बचने की प्रवृत्ति) है, क्योंकि बीमार होने पर वे शिकारियों से खुद को बचाना चाहती हैं। लेकिन घर में, यह इशारा होता है कि वो अब 'जाना' चाहती हैं और किसी को परेशान नहीं करना चाहतीं।
हाथियों के आंसू और शोक
हाथियों को बहुत भावुक और समझदार माना जाता है। जंगल में देखा गया है कि जब किसी हाथी की मौत नजदीक होती है, तो उसका पूरा झुंड धीमा पड़ जाता है। मरने वाला हाथी अक्सर सुस्त हो जाता है और झुंड के साथी उसे सहारा देने की कोशिश करते हैं। कहते हैं कि हाथियों को अपने साथियों की मौत का गहरा सदमा लगता है और वो उनके शरीर के पास घंटों या दिनों तक रुककर शोक मनाते हैं।
बिच्छू और अन्य जीव
सिर्फ पालतू जानवर ही नहीं, कहा जाता है कि बिच्छू जैसे जीवों के व्यवहार में भी मौत से पहले बदलाव आता है। कुछ मान्यताओं के मुताबिक, ये जीव भी अपनी मौत का आभास होने पर अजीब हरकतें करने लगते हैं या खाना छोड़ देते हैं।
क्या यह डर है या तैयारी?
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो मौत से पहले शरीर के अंग काम करना बंद करने लगते हैं, जिससे जानवरों को थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसलिए वे एक जगह लेटना पसंद करते हैं। लेकिन जो लोग उनसे प्यार करते हैं, उनके लिए यह एक संकेत होता है।
अगर आपका पालतू जानवर अचानक बहुत शांत हो जाए, खाना छोड़ दे और एकांत में रहने लगे, तो उसे डांटें नहीं। हो सकता है उसे आपकी मदद, आपके प्यार और आपकी गर्माहट की सबसे ज्यादा जरूरत हो। वो शायद आपको बता रहे हैं कि “मेरा वक्त आ गया है, बस मेरा हाथ थाम लो।”