इंटरनेशनल बेइज्जती बोर्ड ऑफ पीस की पहली ही बैठक में शहबाज शरीफ को किया गया नजरअंदाज

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News India Live, Digital Desk: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों अपनी विदेश यात्राओं के दौरान खराब 'प्रोटोकॉल' और 'बॉडी लैंग्वेज' के कारण चर्चा में हैं। ताजा मामला 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली औपचारिक बैठक का है, जहाँ दावा किया जा रहा है कि शहबाज शरीफ को न केवल किनारे कर दिया गया, बल्कि उन्हें भारी भीड़ और वैश्विक नेताओं के बीच दरकिनार (Push Aside) किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिससे पाकिस्तान की वैश्विक साख पर फिर सवाल उठ रहे हैं।

बैठक में क्या हुआ?

विश्व शांति और सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दुनिया भर के ताकतवर नेता जुटे थे। वायरल वीडियो के मुताबिक:

प्रोटोकॉल की कमी: जब सभी नेता ग्रुप फोटो या चर्चा के लिए आगे बढ़ रहे थे, तब शहबाज शरीफ को फ्रेम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करते देखा गया।

अनदेखी का शिकार: अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष आपस में गर्मजोशी से मिल रहे थे, जबकि शहबाज शरीफ किनारे खड़े नजर आए। एक पल ऐसा भी आया जब सुरक्षा घेरे या अन्य नेताओं की आवाजाही के कारण उन्हें पीछे धकेल दिया गया।

विपक्ष ने साधा निशाना

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी PTI ने इस वीडियो को हाथों-हाथ लिया है। विपक्ष का कहना है कि "भीख का कटोरा" लेकर घूमने वाली सरकार को दुनिया में कोई सम्मान नहीं मिलता। पूर्व मंत्रियों ने तंज कसते हुए कहा कि शहबाज शरीफ ने देश का सिर शर्म से झुका दिया है।

पहले भी हो चुकी है किरकिरी

यह पहली बार नहीं है जब शहबाज शरीफ के साथ ऐसा हुआ हो। इससे पहले भी सऊदी अरब और अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में उनके 'छाता पकड़ने' या 'ट्रांसलेशन हेडफोन' को लेकर काफी मीम्स बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसके नेताओं को वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो कभी मिलता था।

पाकिस्तान सरकार का बचाव

हालांकि, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज किया है। उनका तर्क है कि वीडियो को एडिट करके और संदर्भ से बाहर दिखाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पीएम शरीफ ने बैठक में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएं की हैं।