Sakat Chauth 2026 : आज शाम अर्घ्य देने से पहले जान लें भद्रा का साया और चाँद दिखने का सटीक समय
News India Live, Digital Desk: जब बात बच्चों की लंबी उम्र और उनकी तरक्की की आती है, तो एक माँ बिना पानी की एक बूंद पिए पूरे दिन का कठिन व्रत रखने से भी पीछे नहीं हटती। आज यानी 6 जनवरी को पूरे उत्तर भारत में सकट चौथ का त्यौहार बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही माताओं ने गणपति की पूजा शुरू कर दी है और तिल के लड्डुओं का भोग भी तैयार है।
लेकिन जैसा कि हम सब जानते हैं, इस व्रत की असली चुनौती रात को शुरू होती है, जब प्यास और भूख के बीच आसमान की ओर चाँद का इंतज़ार किया जाता है।
आज बन रहा है 'सर्वार्थ सिद्धि योग'
ज्योतिष के जानकारों की मानें तो आज का दिन बेहद खास है। आज सकट चौथ पर 'सर्वार्थ सिद्धि योग' का निर्माण हो रहा है। कहते हैं कि इस योग में मांगी गई मन्नतें और की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन हाँ, दोपहर के समय थोड़ी देर के लिए भद्रा का साया भी रहने वाला है, इसलिए पंडित जी की सलाह है कि पूजा के लिए शाम का समय ही सबसे उत्तम रहेगा।
आज रात आपके शहर में कब निकलेगा चाँद?
हर साल की तरह, चाँद दिखने का समय हर शहर में थोड़ा अलग होगा। महिलाओं को सबसे ज्यादा इंतज़ार इसी पल का रहता है।
- दिल्ली-NCR: आज रात लगभग 08:35 बजे चाँद दिखने की संभावना है।
- लखनऊ (यूपी): यहाँ थोड़ा जल्दी यानी रात 08:18 बजे चंद्रोदय हो सकता है।
- जयपुर (राजस्थान): गुलाबी नगरी में चाँद रात 08:44 बजे दर्शन देगा।
- पटना (बिहार): यहाँ रात 08:02 बजे के करीब ही व्रत खोलने का समय हो जाएगा।
- मुंबई: समंदर के किनारे वाले इस शहर में चाँद सबसे देर से यानी करीब 09:12 बजे नजर आएगा।
(नोट: बादलों या धुंध की वजह से समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए अपनी छतों पर नज़र बनाए रखें।)
सकट चौथ की पूजा का तरीका
व्रत कथा सुनना तो अनिवार्य है ही, लेकिन याद रहे कि आज गणेश जी को दुर्वा और तिल-गुड़ का भोग जरूर लगाएं। चाँद निकलने पर छलनी से चाँद को देखें और चांदी के सिक्के या शुद्ध पानी के कलश से अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय मन ही मन अपने बच्चों का नाम लें और बप्पा से उनके सुरक्षित भविष्य की प्रार्थना करें।
यकीन मानिए, जब भक्ति इतनी सच्ची हो और माँ का आशीर्वाद साथ हो, तो गजानन सारे विघ्न खुद-ब-खुद हर लेते हैं। आप सभी माताओं को सकट चौथ की ढेरों शुभकामनाएँ!