रोडवेज बस अब होगी आपकी प्राइवेट गाड़ी ,माघ मेले के लिए यूपी सरकार ने दिया परिवारों को बड़ा तोहफा
News India Live, Digital Desk: हम में से बहुत से लोग चाहते हैं कि माघ मेले के दौरान अपने बूढ़े माता-पिता, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ प्रयागराज जाकर संगम की रेती पर कुछ वक्त गुज़ारें। लेकिन जैसे ही 'सफर' का ख्याल आता है, भीड़ और परेशानी देखकर कई लोग अपना इरादा बदल लेते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने आपकी इसी मुश्किल को समझा है और एक बहुत ही व्यावहारिक समाधान निकाला है।
अब बस स्टैंड जाने की झंझट खत्म!
यूपी रोडवेज ने फैसला किया है कि इस बार माघ मेले के लिए वे "ग्रुप और फैमिली बुकिंग" (Family & Group Booking Service) की सुविधा दे रहे हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आप अपने मोहल्ले या खानदान के 40-50 लोगों के साथ संगम जाना चाहते हैं, तो आपको अलग-अलग सीटों के लिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आप पूरी की पूरी बस ही रिजर्व कर सकते हैं।
रोडवेज की 'अपनी बस' वाली सुविधा
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बस एक 'स्पेशल टूरिस्ट गाड़ी' की तरह काम करेगी। यह आपके तय किए हुए समय पर चलेगी और आपके समूह को सीधे प्रयागराज मेला क्षेत्र के नज़दीक तक ले जाएगी। सबसे अच्छी बात यह है कि यह आपके बजट में भी होगी और रोडवेज का सुरक्षा का भरोसा तो साथ रहेगा ही।
ग्रुप टूर के लिए स्पेशल पैकेज
अक्सर परिवारों को यह डर रहता है कि मेले में जाने के बाद वापसी में बस मिलेगी या नहीं। यूपी रोडवेज के इस स्पेशल ऑफर के तहत आप "टू एंड फ्रो" (आना और जाना) की बुकिंग एक साथ कर सकते हैं। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो धार्मिक स्थलों की यात्रा एक समूह (Social Circles) के साथ करना पसंद करते हैं।
क्यों है यह शानदार ऑफर?
माघ मेले के दौरान प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों और आम बसों में पैर रखने की जगह नहीं होती। ऐसे में रोडवेज की ये आरक्षित बसें किसी वरदान से कम नहीं हैं। न सामान खोने का डर, न अपनों के बिछड़ने की चिंता और न ही घंटों बस स्टैंड पर खड़े रहने की मजबूरी।
बुकिंग के लिए क्या करना होगा?
अगर आप इस सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको बस अपने नजदीकी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) कार्यालय से संपर्क करना होगा। वहां आप यात्रियों की संख्या और यात्रा की तारीख बताकर पूरी बस आरक्षित कर सकते हैं।
तो बस, अपना सामान पैक कर लीजिए, भजन-कीर्तन का इंतजाम करिये और इस बार रोडवेज की 'अपनी बस' में बैठकर बेझिझक पहुँचिए संगम की पावन नगरी।