करोड़ों का ईनाम और मौत की खबर ,झारखंड में कैसे गिरे वो बड़े नक्सली जो पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे?
News India Live, Digital Desk: झारखंड के चाईबासा और आस-पास के घने जंगलों को नक्सलियों का सबसे मजबूत ठिकाना माना जाता रहा है। लेकिन हाल ही में जो खबर सामने आई है, उसने साफ़ कर दिया है कि अब पासा पलट चुका है। काफी समय से सुरक्षा बल यहाँ एक सीक्रेट ऑपरेशन की तैयारी कर रहे थे, और जब मौका मिला तो प्रहार इतना तगड़ा था कि नक्सलियों के पास संभलने की मोहलत नहीं थी।
इस एनकाउंटर में एक या दो नहीं, बल्कि उन 5 नक्सलियों को मार गिराया या पकड़ लिया गया है, जिनमें से हर एक के सिर पर 1-1 करोड़ रुपये का इनाम था। आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं कि अगर इनाम इतना बड़ा है, तो पुलिस के लिए इन चेहरों की अहमियत कितनी ज़्यादा रही होगी। ये वे लोग थे जो बरसों से प्लानिंग, फंड और हमले के नेटवर्क को संभाल रहे थे।
सुरक्षा बलों के लिए यह केवल एक रूटीन एनकाउंटर नहीं, बल्कि 'साख' की लड़ाई थी। घने जंगलों में छिपे इन लोगों को ढूँढ निकालना आसान नहीं था, जहाँ न रास्ता होता है और न ही नेटवर्क। लेकिन जवानों ने जो हिम्मत दिखाई, उसके बाद ये 5 नक्सली तो ढेर हो गए, लेकिन ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह के दो बड़े लीडर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
फिलहाल, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और फरार नक्सलियों को ढूंढने के लिए जंगल के भीतर बड़े सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। गाँव वालों में जहाँ एक तरफ डर है, वहीं दूसरी तरफ उम्मीद भी जगी है कि अब उनके इलाकों में शांति लौटेगी। इस मुठभेड़ ने यह साफ़ संदेश दे दिया है कि आतंक का साम्राज्य चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, वर्दी और हिम्मत के सामने उसे एक न एक दिन झुकना ही पड़ता है।
अब देखना यह होगा कि बाकी बचे हुए नक्सली कब तक घने पेड़ों की ओट लेकर भागते फिरते हैं। आपका क्या मानना है, क्या ऐसे बड़े एक्शन के बाद अब नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है? अपनी राय हमें ज़रूर बताएं।