बिहार में हो रहा है उल्टा पलायन ये महिलाएं पैसे ही नहीं, अपने पति को भी घर वापस ला रही हैं

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News India Live, Digital Desk: एक समय था जब बिहार के गाँवों से पुरुषों का दूसरे राज्यों में काम के लिए जाना एक आम बात हुआ करती थी। घर की ज़रूरतें पूरी करने के लिए उन्हें पंजाब, गुजरात, या महाराष्ट्र जैसे राज्यों का रुख़ करना पड़ता था। लेकिन अब बिहार की हवा बदल रही है। यह बदलाव कोई सरकार या बड़ी फैक्ट्री नहीं, बल्कि घर की औरतें ला रही हैं, जिन्हें हम और आप 'जीविका दीदी' के नाम से जानते हैं।

ये वो महिलाएं हैं जो अब सिर्फ घर नहीं चला रहीं, बल्कि छोटा-मोटा कारोबार खड़ा करके पूरे परिवार का सहारा बन रही हैं। और उनकी इसी हिम्मत का नतीजा है कि पिछले कुछ सालों में 10 लाख से ज़्यादा पति परदेस छोड़कर अपने गाँव, अपने घर वापस आ चुके हैं।

घर की चौखट से शुरू हुई कारोबार की कहानी

यह सब शुरू हुआ जीविका समूहों से मिले छोटे-छोटे कर्ज़ से। किसी ने सिलाई का काम शुरू किया, तो किसी ने हाथ से गहने बनाने का। कुछ महिलाओं ने मिलकर किराने की दुकान खोली, तो कुछ ने पत्थर की मूर्तियाँ बनाने का हुनर सीखा। पहले तो यह सब बहुत छोटे पैमाने पर शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे इनकी मेहनत रंग लाने लगी। जब घर में ही आमदनी होने लगी, तो परदेस में काम कर रहे पतियों को भी एक उम्मीद दिखी।

बात सिर्फ पैसे की नहीं थी, बल्कि अपने परिवार के साथ रहने की भी थी। जो पति पहले दूसरे राज्यों में दर्जी का काम करते थे, अब वे अपनी पत्नियों के साथ सिलाई सेंटर पर मास्टर ट्रेनर बन गए हैं। जो कारीगर थे, वे अब पत्नी के साथ मिलकर हैंडीक्राफ्ट का काम बढ़ा रहे हैं। यानी अब पति और पत्नी मिलकर अपने ही घर में एक छोटी सी कंपनी चला रहे हैं, जिसमें वे पार्टनर भी हैं और एक-दूसरे का सहारा भी।

सिर्फ परिवार ही नहीं, पूरा गाँव बदल रहा है

आज इन महिलाओं की वजह से बिहार में पलायन की एक बड़ी समस्या पर रोक लग रही है। ये जीविका दीदियाँ आज चुपचाप एक ऐसी क्रांति कर रही हैं, जिसकी गूँज आने वाले कई सालों तक सुनाई देगी। वे न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार को भी एक बेहतर कल दे रही हैं। आज ये महिलाएं दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं जो अपनी मेहनत और लगन से कारोबार को आगे बढ़ाकर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं।

यह कहानी बताती है कि जब एक महिला को अवसर मिलता है, तो वह सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य बदल सकती है।